इश्क़

कुछ मोहब्बतें

जलतीं-जलातीं हैं।

कुछ अधुरी रह जाती हैं।

कुछ मोहब्बतें अपने

अंदर लौ जलातीं हैं।

जैसे इश्क़ हो

पतंग़े का चराग़ से,

राधा का कृष्ण से

या मीरा का कान्हा से।

Psychology- Halo effect

The halo effect is a well documented social-psychology phenomenon that causes people to be biased in their judgments by transferring their feelings about one attribute of something to other, unrelated, attributes. The halo effect allows us to make snap judgments. The term “halo” is used in analogy with the religious concept: a glowing circle that can be seen floating above the heads of saints

The halo effect works in both positive and negative directions:

  • If you like one aspect of something, you’ll have a positive predisposition toward everything about it.
  • If you dislike one aspect of something, you’ll have a negative predisposition toward everything about it.
So, Always Be very careful while judging others.

Psychology- Gruen effect

In shopping mall design, the Gruen transfer / effect is the moment when consumers enter a shopping mall or store and, surrounded by an intentionally confusing layout, lose track of their original intentions, making them more susceptible to making impulse buys. So be careful while shopping in a mall and keep track of your shopping list.

The Gruen transfer is a psychological phenomenon in which an idealised hyper-reality is realized by deliberate reconstruction, providing a sense of safety and calm through exceptional familiarity.

Gruen transfer – Wikipedia

मेरी नई किताब – वंदना My latest book- Vandana

मेरी नई किताब आज पब्लिश हुई है।

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स्याह रात

जाड़े की सुबह बादलों

से लुकाछुपी खेलती

सुनहरी धूप सरकती,

पैरों तक आ उसे

गुनगुना कर गई।

ख़ुश-गवार, फ़िज़ा परिंदों

की चहचहाहट…. हर सुबह

एक नई रंग ले कर आती है।

स्याह रात के ख़िलाफ़

जंग जीत कर आती है।

दिल की बातें

अक्सर ज़ुबान पर लगे

सयंम के पहरे स्याह पलों

में बिखर जातें है।

दिल की गहराइयों में

छुपी बातें, लबों पर

बेबाक़ी से छलक आतीं हैं।

दिल से दिल की बातें

करनी हो तो चरागों के

जश्न से बेहतर अँधेरे हैं।

मनोवैज्ञानिक तथ्य– देर रात को बात करने पर ज्यादातर लोग सच बोलते हैं, क्योंकि रात को दिमाग थका हुआ होने के कारण ज्यादा नहीं सोच पाता है।

Psychology says – Night Is The Best Time To Have A Deep Conversation With Someone, According To Experts

ठहराव

तकरार औ इकरार हो,

शिकवे और गिले भी।

पर ठहराव हो, अपनापन,

भरोसा और सम्मान हो,

ग़र निभाने हैं रिश्ते।

वरना पता भी नहीं चलता।

आहिस्ता-आहिस्ता,

बिन आवाज़

बिखर जातें हैं रिश्ते,

टूटे …. शिकस्ते आईनों

की किर्चियों से।

इंद्रधनुष

दिव्य प्रेम के जश्न,

रास में डूब,

राधा इंद्रधनुष के रंगों से

नहा कर बोली कान्हा से –

हम रंगे हैं रंग में तुम्हारे।

रंग उतारता नहीं कभी तुम्हारा ।

कृष्ण ने कहा- यह रंग नहीं उतरता,

क्योंकि

राधा ही कृष्ण हैं और

कृष्ण ही राधा हैं।

गोपाल सहस्रनाम” के 19वें श्लोक मे वर्णित है कि महादेव जी देवी पार्वती जी को बतातें है कि एक ही शक्ति के दो रूप है – राधा और माधव(श्रीकृष्ण)।यह रहस्य स्वयं श्री कृष्ण ने राधा रानी को भी बताया। अर्थात राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं।

इम्तहान

कई बार लगता है,

ऊपर वाला कुछ

लोगों को ज़िंदगी में

हमारा इम्तहान

लेने भेजता हैं।

जब तक हम अपने लिए

हौसले के साथ खड़ा होना

नहीं सीख लेते।

यह इम्तहान चलता रहता है।

ज़िंदगी के रंग -228

ज़िंदगी रोज़ एक ना एक

सवाल पूछती है।

सवालों के इस पहेली में

उलझ कर, जवाब ढूँढो।

तो ये सवाल बदल देती है।

ज़िंदगी रोज़ इम्तहान लेती है।

एक से पास हो या ना हो।

दूसरा इम्तहान सामने ला देती है।

अगर खुद ना ले इम्तहान,

तो कुछ लोगों को ज़िंदगी में

इम्तहान बना देती है।

बेज़ार हो पूछा ज़िंदगी से –

ऐसा कब तक चलेगा?

बोली ज़िंदगी – यह तुम्हारा

नहीं हमारा स्कूल है।

तब तक चलेगा ,जब तक है जान।

बस दिल लगा कर सीखते रहो।