ईंट दर ईंट जुटता है ,
तब मकान बनता है.
स्नेह के तार जुटते है तब
मकान , घर बनता है.
वैसे हीं शब्द दर शब्द जब जुटते हैं,
कुछ भाव उनमें शामिल होते हैं,
तब लेख, कविता और काव्य बनते है .

ईंट दर ईंट जुटता है ,
तब मकान बनता है.
स्नेह के तार जुटते है तब
मकान , घर बनता है.
वैसे हीं शब्द दर शब्द जब जुटते हैं,
कुछ भाव उनमें शामिल होते हैं,
तब लेख, कविता और काव्य बनते है .


गुनगुनाअो , सुरीले गीत अौ तराने।
ये जिंदगी के बिगङे सुर भी संभाल देते हैं।।
Have compassion for all beings, rich and poor alike; each has their suffering. Some suffer too much, others too little.

Buddha 🌈
A man asked Gautama Buddha, ‘I want happiness.’ Buddha said, ‘First remove I, that’s Ego, then remove want, that’s Desire. See now you are left with only Happiness.

Buddha 🌈

आस्था और आस वह रोशनी हैं.
जो आज भी जहाँ रौशन रखती हैं.


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अजीब सी दौड़ है
ये ज़िंदगी …….
जीत जाओ तो
कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।

forwarded message
यह वह यात्रा है………
जिसमें समस्याएं आती हैं, सुलझानी पड़ती है।
परीक्षाएं होती रहतीं हैं सबक सीखना पड़ता है।
गुरु हम और शिष्य भी हम………
पर याद रखना जरूरी है कि इन सब में
जिंदगी की मस्ती ना खोने पाए…….
हिम्मत ना चूक जाए……..

image courtesy- Chandni Sahay

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