Bodies of two girls were found hanging from a tree in Chitrakoot, UP

विडम्बना

जिस चित्रकूट घाट पर तुलसीदास बैठा करते,

सती अनुसुइयाऋषि अत्रि की थी तपो भूमि ,

राम, लक्ष्मण सीता के वनवास की पावन भूमि .

उसे भी अपावन कर दिया कलयुग में.

क्या दोषी सज़ा पाएँगे या हमेशा की तरह …..

शान से घुमते नज़र आएँगे ?

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ज़िन्दगी के रंग -142

जब मालूम हैं

संसार में जो कुछ भी मिला है ,

यहीं, पीछे रह जाएगा.

फिर क्यों इतना अहंकार ?

इतना पाने खोने की हैं दौड़ ?

नीलकंठ

पुरानी राहों पर निगाहें दौड़ने पर

खोए हुए लाल गुलाब की पंखुड़ियाँ

यहाँ वहाँ सूखी बिखरीं दिखीं.

उम्रदराज़ यादों को संजोना

क्या नीलकंठ बना देगा ?

या कलेजा जला देगा ?

नीलकंठ –

समुद्र मंथन से अमृत के साथ कालकूट नामक भयंकर विष भी निकला। उस विष की अग्नि से दसों दिशाएं, देवता, दैत्य, ऋषि, मुनि, मनुष्य, गंधर्व और यक्ष आदी जलने लगे.
तब उस विष को शिवजी के कंठ (गले) में ही रोक कर उसका प्रभाव समाप्त कर दिया। विष के कारण भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया और वे संसार में नीलंकठ के नाम से प्रसिद्ध हुए।