विश्वास- कविता faith- poem


Indian Bloggers

 

 

 

जिंदगी निकल गई खुश रहने की कोशिश अौर,

लोगों को खुश करने की कोशिश में।

दूसरों को खुबसूरती दिखाने अौर,

खुबसूरत दिखने की कोशिश में।

अब समझा आया, खुबसूरती अपने अंदर होती है।

अपने को पसंद करो अौर स्वंय खुश   रखो।

जीवन  की बदलती करवटें

सोंच पैदा करतीं हैं।

फिर लगता है ,

शायद ये, जिंदगी सीधी कर रहीं हैं।

बस विश्वास का ङोर थामे रखो।