चोट (कविता)

strong

जीवन के इस

                                                    दौङ

में ना जाने कितनी बार

चोटें लगीं।

आँखों में कुछ कतरे

आँसू   भी छलक आए।

पर अब जाना।

वे तो हौसला-अफजाई कर गये।

मजबूत बना गये।

हिम्मत बढ़ा गये।

 

छाया चित्र इंटरनेट  से।