उन लम्हों में

कमियाँ किसमें नहीं?

पर सबसे बड़ी कमी है वही,

ज़ेहन के अँधेरे को मानना सही।

कभी ख़ुद का आईना बन तो सही।

नेकनीयती से गौर कर कभी

अपनी सकारात्मक और नकारात्मक,

अच्छी और बुरी बातों की बही।

नज़रों के सामने से हटेगा कम-निगही।

अपनी होड़, अपनी स्पर्द्धा अपने आपसे कर,

ईमानदारी और प्यार से खुद का ऑडिट कर।

अच्छा-बुरा जो भी पाया उन लम्हों में

उसका हर दिन रियाज़ कर।

अर्थ- कम-निगही- short sighted

Positive Psychology- Self-acceptance is the

first step to self-mastery. Mastery of the

self comes from accepting all our flaws.

Talk To Yourself with empathy.

सूखते गुलाबों में

सूखते गुलाबों में भी अक्सर

जानी पहचानी ख़ुशबू मिलती है।

पुरानी किताबों में भी अक्सर

अजीब से ख़ुशबू मिलती है।

पुरानी किताबों में मिले सूखे गुलाब,

की मिलाजुली ख़ुशबू

ले जाती हैं यादों के भँवर में।

बीते दिनों के समुंदर में।

#TopicByYourQuote

राख़ में दबी चिंगारी

चोट किसी की ख़्वाहिशों के

अन्दाज़ से नहीं भरता।

भरता है, अपने तरीक़े से,

अपने समय से।

कुरेदने से राख़ में दबी चिंगारी

आग भड़काती है फ़िज़ाओं में ।

अपने चोट, घाव ना कुरेद,

दो समय भरने का।

Wounds don’t heal the way we

want them to, they heal the way

they need to. It takes time to heal.

Be gentle with your wounds.