अश्क़

हर चोट और उनके निशान,बहुत कुछ नया सीखा जातें हैं, बहते अश्क़ मज़बूत बना जातें हैं.

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कुछ हीं बूँदें अश्क़

ना जाने कैसे दिल पर

पड़े भारी बोझ

हल्का  कर  जातें हैं.

कहते हैं वक़्त गहरे से गहरे

घाव भर देता है .

पर सच तो यह है ,

वक़्त उन घावों के साथ रहना

सीखा देता है .

सिर्फ़ आँसू हीं हैं जो दर्द बहा ले जातें हैं.

एक सच यह भी है ,

हर चोट और उनके निशान

बहुत कुछ नया सीखा जातें हैं .

बहते अश्क़ मज़बूत बना जातें हैं.

चोट (कविता)

strong

जीवन के इस

                                                    दौङ

में ना जाने कितनी बार

चोटें लगीं।

आँखों में कुछ कतरे

आँसू   भी छलक आए।

पर अब जाना।

वे तो हौसला-अफजाई कर गये।

मजबूत बना गये।

हिम्मत बढ़ा गये।

 

छाया चित्र इंटरनेट  से।