बदलाव

ज़िंदगी मिली है जीने के लिए,

गिरने-उठने और दमकने के लिए।

सब हैं अलग-अलग पर ख़ास।

तारीफ़ कीजिए बनाने वाले की।

ग़लतियाँ कीजिए और सीखते रहें

नए-नए सबक़-ए-ज़िंदगी।

बदलाव है अहम हिस्सा, मज़ा लीजिए

बदलते सफ़र-ए-ज़िंदगी का।

Happy Psychology / Positive Psychology Fact-
Keep trying new things as life gets boring

when we stay within the limits of know

activities. In such a case, we start working in

an autopilot mode. Which is not good for

our mental health.

तेरा अक़्स

तेरा अक़्स, मेरा अक़्स,

क्या करना है अब बात?

दिन और रात बीत गई,

बीत गई बात।

अब ना दर्द है ना ग़म,

कर दिया है जब हिसाब।

कर दिया है सबको माफ़।

अब बस है आइना-ए-ज़िंदगी।

नहीं रह गई अक्स की बंदगी।

मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,

मुस्कुरा-मुस्कुरा कर

लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त

कि वे हद से गुज़र जाएँ।

सितम सहन इतना ना कर,

कि लोग सीमा तोड़ जाए।

कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।

Positive Psychology-

If someone is crossing your boundaries,

take action. At the same time, Be careful

with how much you tolerate. You are

teaching them how to treat you.

वजूद-ए-ज़फ़र

अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को

मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।

पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।

लिखने वाले की पूरी होगी

आरज़ू-ए-सफ़र,

शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते

अपने वजूद-ए-ज़फ़र।

अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

ख़ुशियाँ औ सुकून

लोग क्या कहेंगे?

वही कहतें हैं लोग अक्सर,

जो है नज़रिया उनका।

क्या है ज़रूरी, लोगों की राय?

रूह में दहशत? या ख़ुशियाँ औ सुकून?

सुने सब की, गौर करो, पर दिल पर ना लो।

खोना नहीं ख़ुशियों के पल,

ज़िंदगी रखो ख़ुशगवार।

Positive Psychology- “Once you start

making the effort to “wake-yourself up”

that is, be more mindful in your। activities,

you suddenly start appreciating life a lot more

– Robert Biswas-Diener

ज़िंदगी की धूप

सफलता के साँचे में

ढलना हो,
तो ज़िंदगी की धूप में

तपना और चलना होगा।

शुभ दीवाली Happy Diwali!!

विजय उत्सव है दिवाली।
रावण महापंडित, शिव भक्त, नवग्रह गुलाम उसके।
उसके बल, बुद्धि, विद्या और ज्ञान पर संशय था नहीं।
फिर भी पराजित हुआ वानर सेना और राम से।
आखिर क्यों ?
यह जीत है अहंकार पर, अँधकार पर!
विजय उत्सव है दिवाली।

तलाश

अख़्तियार एहसासों पर

भावनाएँ.. एहसास हावी हों,

तो नहीं रहता अख़्तियार अपने-आप पर।

जैसे अपनी साँसों पर ना हो अख़्तियार।

ग़र साध लिया अपने दिल-औ-दिमाग़ को,

जीत सकते हैं जग का हर जंग।

PSYCHOLOGYCAL FACT – EQ

Emotional intelligence / EQ refers to

someone’s ability to perceive, understand

and manage their own feelings and emotions.

High EQ person can handle their stress,

uncertainty, and anxiety in a better way.

ख़ामोश किताबें

कुछ लोग होते हैं

ख़ूबसूरत ख़ामोश किताब से।

दमकते सुनहरे अल्फ़ाज़ों में लिखे नाम से।

समय की बहती बयार जब छेड़-छाड कर

खोलती है जिस्म-ए-किताब,

वरक़ दर वरक़, पन्ने दर पन्ने .. …

ख़ुशियों औ ग़म-ए-ज़िंदगी की

खुल जाते है कई हिसाब।

हर एक लफ़्ज़, अल्फ़ाज़ औ

तहरीरे बोल उठतीं है,

गुफ़्तगू कर उठती है दास्तान-ए-ज़िंदगी।

Psychological fact- if we hold things tight

and hide them away . it will burst out

some day. bottled up emotions may affect

the mental health negatively too.