बिना मुझसे पूछे,
बिन मेरे अनुमति।
तुमने मेरे पत्थरों से
बनाया था आशियाँ अपना।
बस मैं उसे हीं वापस ले जा रही हूँ,
अपनी बहती धार में।
तब तुम शक्तिशाली थे।
आज़ मैं प्रचंड हूँ।

बिना मुझसे पूछे,
बिन मेरे अनुमति।
तुमने मेरे पत्थरों से
बनाया था आशियाँ अपना।
बस मैं उसे हीं वापस ले जा रही हूँ,
अपनी बहती धार में।
तब तुम शक्तिशाली थे।
आज़ मैं प्रचंड हूँ।

कुछ लोग समझते हैं,
जिस की जब चाहें तौहीन कर सकते हैं।
क्यों इतना अहंकार?
भूलते है, अपनी रुसवाई कैसी लगती है?
भूल जातें हैं, जो देंगे वह वापस पाएँगे।
भूल जातें हैं उनसे बड़ा होगा कोई।
भूल जातें हैं, हो जातें है छोटे लोगों की नज़रों में।
भूल जाते हैं, ना ज़मीं कम है ना आसमाँ।
मौन अवज्ञा झेलने वालों का न्याय
ऊपर वाला ले लेता हैं हाँथो में अपने।
Psychology- Understanding behaviour
Generally people insult others because
they are insecure and immature. They want
to put you in your place. They’ll give you the
cold shoulder. This is emotional abuse.
Take a gentle approach to make them
understand or Ignore it until it blows over.

कुछ लोग प्यार और स्नेह नहीं समझते
क्योंकि प्यार का मतलब वे जानते हीं नहीं।
उन्हें सिर्फ़ दूसरों की ग़लतियाँ दिखती है
क्योंकि उन्हें अपनी ग़लतियाँ दिखतीं नहीं।
उनकी दुनिया में लोग सिर्फ़ शतरंज के प्यादे हैं,
उनका मन बहलाने के लिए।
आत्म-प्रशंसा से भरपूर ग़र कोई आपको
आपकी भूल दिखा-दिखा शर्मिंदा करें,
छुपे तरीक़े से आक्षेप करें,
लोगों से मिल कर आपके बारे में भ्रामक बातें फैलाए।
इनसे एक सीमा या दूरी है ज़रूरी क्योंकि ये बीमार हैं।
Psychology- understanding behaviour
What Are Narcissistic Traits? It include having a strong sense of self-importance, experiencing fantasies about fame or glory, exaggerating self abilities, craving admiration, exploiting others, and lacking empathy.
How to Cope With a Narcissist
* Don’t take it personally
* Set boundaries
* Advocate for yourself
* Create a healthy distance


लोगों क्या कहेंगे?
इस डर के क़ैद में क्यों जीना?
लोग हमारी ज़िंदगी से खो ना जायें।
इस डर से ग़लत लोगों को क्यों झेलना?
ज़िंदगी में लोग आएगें, लोग जाएँगें।
लोगों का क्या है? आज़ जो अपने हैं,
ना जाने कब बदल जायें मौसम की तरह।
कब दुनिया की भीड़ में खो
जायें अजनबियों की तरह।
ऐसे में खुद को खो क्यों देना?
अपने-आप को खो कर क्या पाएँगें?
Self-love
Positive Psychology – Self-love comprises four aspects: self-awareness, self-worth, self-esteem and self-care. It is a state of appreciation for oneself that grows from actions that support our physical, psychological and spiritual growth. Self-love means having a high regard for your own well-being and happiness.
ना तो हम किसी से बंधे हैं ना कोई हमसे।
फिर भी पाने-खोने, जैसी मृगतृष्णा क्यों?
ना किसी के साथ आए ना साथ जाना।
फिर भी अपना-पराया के
सराब / मरीचिका में भटकते हैं क्यों ?
माया-मोह में उलझी यह दुनिया
है कोई जादू, भ्रम या नशा शराब का?
माया मोहिनी, जैसे मीठी खांर
सदगुरु की कृपा भैयी, नाटेर करती भांर।
– कबीर
कबीर कहते है की समस्त माया और भ्रम चीनी के मिठास की तरह आकर्षक होती है।प्रभु की कृपा है की उसने मुझे बरबाद होने से बचा लिया।
Kabir says illusions are attractive like sweet sugar I am blessed by the God, otherwise it would have ruined me.





जब अपने महफ़ूज़ आशियाने में,
अप्रिय, अनजाने मेहमानों को
नहीं बुलाते इस ज़माने में।
तब
दिल, रूह, तन और मन के पावन आशियाँ में,
क्यों बिना सोंचे सब को
जगह देंना इस ज़माने में?
नासमझी भरे ऐतबार ज़ख़्म
हीं दिया करते हैं हर ज़माने में।

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