आज किसी ने कहा –ज़िंदगी तब बेहतर होती हैं,
जब हम ख़ुश होते हैं.
लेकिन तब बेहतरीन हो जाती हैं,
जब हमारी वजह से सब ख़ुश हो जाते हैं.
पर सच तो यह हैं कि एक साथ
सभी को ख़ुश नहीं किया जा सकता .

आज किसी ने कहा –ज़िंदगी तब बेहतर होती हैं,
जब हम ख़ुश होते हैं.
लेकिन तब बेहतरीन हो जाती हैं,
जब हमारी वजह से सब ख़ुश हो जाते हैं.
पर सच तो यह हैं कि एक साथ
सभी को ख़ुश नहीं किया जा सकता .

कभी कभी अपने साथ अकेले छुट्टियाँ बिताना , समय गुज़ारना, अपने आप से बातें करना अच्छा लगता है.
पर एक प्रश्न सभी की ज़बान पर होती है -आप अकेली आईं हैं? बिलकुल अकेली ? अच्छा ! मन कैसे
लगता हैं आपका ?
वामा .., नारी क्या अकेले नहीं होनी चाहिए ?हमने भी पूछ लिया – आपके साथ कौन है?
अकेले ? बिना पत्नी …. बिना बच्चों के ?पर किसी को इसकी चिंता नहीं . यह प्रश्नक्यों सभी की नज़रों में
होता हैं अकेली नारी के लिए ? पर क्यों पुरुषों के लिए नहीं ? शायद असुरक्षित समाज की दुहाई देंगे लोग .
पर असुरक्षा भी तो वही देते हैं. 
When someone beats a rug,
the blows are not
against the rug,
but against the dust in it.
Rumi ❤️❤️
Let us carve gems
out of our stony hearts
and let them light
our path to love.
Rumi ❤️❤️
अंधेरी रात , बिजली गुल ,
मोमबत्ती की रौशनी ,गरजते बादल ,
रिमझिम वर्षा की बूँदे ले जाती हैं ,
यादों के साये में.
क्या सिर्फ़ मुझे या किसी और को भी ?
जो दुनिया की भीड़ में खो चुका हैं……,

All your anxiety
is because of
your desire for harmony.
Seek disharmony,
then you will gain peace.
Rumi ❤️❤️
सुनहरी स्मृतियाँ जीवन से बंधी
हाथ पकड़ साथ साथ चलती है .
खिलते फूलो , महकती ख़ुश्बू सी .
कभी ना जाने कहाँ से अचानक
फुहारों सी बरस जाती हैं और
आँखों को बरसा जातीं हैं.
कभी पतझड़ के सूखी पतियों सी
झड़ने को तत्पर हो खो जाती हैं.
लम्हा लम्हा ख़यालों में…..
दिन निकल गया , रात ढल गई
पर बातें अधूरी रह गईं.
यादें …स्मृतियाँ ….. अधूरी रह गईं.


मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….
मैं गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….
अब जाने कौन सी नगरी में, आबाद हैं जाकर मुद्दत से….
मैं देर रात तक जागूँ तो , कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….
कुछ बातें थीं फूलों जैसी, कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,
मैं शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.
सबकी जिंदगी बदल गयी,एक नए सिरे में ढल गयी,
किसी को नौकरी से फुरसत नही. किसी को दोस्तों की जरुरत नहीं .
सारे यार गुम हो गये हैं.तू” से “तुम” और “आप” हो गये है.
मै गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….
धीरे धीरे उम्र कट जाती है. जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,
कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है.
और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है .
किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते,
फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते.
जी लो इन पलों को हँस के दोस्त,
फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते.
.
– हरिवंशराय बच्चन
The greatest healing
therapy is friendship and love.
Picture Courtsey: Zatoichi.
– Hubert H. Humphrey
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