इंसान की फ़ितरत

क्या आज हम एक दूसरे पर

भरोसा करना भूल गए है ?

या हम सबको साथ ले कर चलना भूल गए है ?

या इंसान की फ़ितरत हीं ऐसी होती है ???!

Image courtesy- Chandni Sahay.

Look Within

There is nothing

outside of yourself,

look within.

Everything you want

is there.

You are That.

रोना

ना जाने किन-किन बातों  पे रोना आया,

इतना तो याद है …..

हँसने की कोशिश पे रोना आया।

किनारे पहुच कर अपने

को डूबते देख, रोना आया।

मायाजाल

खोखले शब्दों में बुने मायाजाल की माया

और खोखलापन ज्यादा दिन नहीं टिकते।

 

Desire

Everyone has been made

for some particular work,

and the desire for that work

has been put in every heart.

Teaching of my soul

I have been a seeker and I still am,

but I stopped asking the books and the stars.

I started listening to the teaching of my Soul.

Rumi ❤️❤️

कैसे तय करे कि हम वोट किसे दें?

व्यंग Satire

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चुनाव का मौसम आते राजनीति

गलियरों में एक खेल ज़ोरों पर है।

एक दूसरे पर ताने कसते, व्यंग,

टीकाटिप्पणी करते…..

धर्म, पार्टी, राजनीतिक आधार पर

तंज कसते, छिंटाकशी करते बड़े लोगों का खेल.

जो बच्चों जैसे लग रहे हैं.

जनता भी बिना सोचे समझे

इस खेल को खेलने लगी है.

अब इंतज़ार यह है कि ये लोग कब बड़े होंगे .

तब तो हम,

तय करेगे किहम वोट किसे दें !!!!

अपने आप को प्यार!!

जो अपने आप को प्यार करते हैं ,

वह दूसरों को चोट नहीं पहुंचा सकतें।

जंगल का न्याय

जंगल का अपना न्याय अपना क़ानून होता है

पर इंसान की फ़ितरत हीं ऐसी होती है .

उसे गैंडे के सींग, शेर के नाख़ून

और ना जाने क्या क्या चाहिए .

कभी सीख हीं नहीं सकता है सरल सा सिद्धांत –

“जीयो और जीने दो “

South Africa: Rhino poacher killed by elephant and eaten by lions, officials say