
मानव से ज़्यादा करुणा और ज़िम्मेदारी
की भावना पशुओं में दिख रही है.

हम मानव भी कितने विचित्र है?
जिससे बिना शर्त सब कुछ पाते हैं,
उसका भी सम्मन नहीं करते .
धारती, पहाड़ , अंतरिक्ष . सागर
सभी को दूषित और गंदा कर दिया है.
Omar Khayyam, a celebrated Persian mathematician, poet, philosopher, and astronomer. Khayyam best known for his work on the classification and solution of cubic equations,


अगर ना बताया जाय, मैं कहाँ हूँ!
तब शायद ढूँढते रह जाओगे .

क्या यह ख़तरे की घंटी नहीं है?
प्रदूषण , प्रकृतिक से छेड़-छाड
इस सीमा तक पहुँच गई है मानव इतिहास में.
कहीं हम सब ही इतिहास ना बन जायें .

You must be logged in to post a comment.