उनका क्या जो अपनी गलतियों को मन बहलावा कहते हैं और दूसरे की गुनाह।
अहमियत होती है हर खता के सज़ा की, लेकिन
ऐसी सजा जो जुर्म के साथ सही बैठे लाजवाब है ।

“The Whole Is Greater Than The Sum Of Its Parts”. Likewise, The Cornucopian half of this blog encompasses my blog in its entirety which otherwise is scattered into the myriad hats I wear creatively!!
उनका क्या जो अपनी गलतियों को मन बहलावा कहते हैं और दूसरे की गुनाह।
अहमियत होती है हर खता के सज़ा की, लेकिन
ऐसी सजा जो जुर्म के साथ सही बैठे लाजवाब है ।


सुबह की छलकती रौशनी
के साथ खिलखिलाई खुशी,
धीरे से कानों में फुसफुसाई-
हम तुम्हे ढूँढ़ते रहें हैं
तुम हमें ढूँढ रही हो?
नज़रें उठाओ , देखो …..
हम तुम्हारे आस पास है
हर छोटी चीज़ में ….


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#After37Years


जब हम एक साथ पढ़ते थे.
ना जाने क्या क्या शरारत करते थे .
लड़ते थे झगड़ते थे.
पर पल में भूल नाचते-गाते, पढ़ते- लिखते,
शाररत भरे गुल खिलाते थे.
अपने प्रिय टीचरों के बदले आए अनजान
टीचरों का चेहरा देख हमारे चेहरे उतर जाते थे.
दिमाग़ में शैतानियाँ भरे बादल घिर आते थे .
नय टीचरों को छकाते और सताते थे.
और परीक्षा आते भगवान याद आते थे .
जब हम सब साथ थे कभी नहीं सोचा
इन मित्रों से मिलने में इतने साल निकल जाएँगे.
जीवन की इतनी यात्राओं के बीच
ना जाने दुनिया में क्या-क्या बदल गया .
ज़िंदगी ने कितने रंग दिखाये.
कभी चले थे यहाँ से ज़िंदगी की राह पर.
आज वापस इस पड़ाव पर,
पीछे मुड़ कर देखने पर
वह जीवन किसी सिनेमा सा दिखता है.
पर तसल्ली है …….खुशी है…..
बिना क़समें खाए , बिना कुंडली मिलाए भी
तुम सब आज ज़िन्दगी में वापस आ गए .
सबका वापस मिलना बड़ा सुकून भरा है .
dedicated to all friends.
सभी मित्रों को समर्पित

कृपया बीच वाली पीली पट्टी पढ़ें । समस्त राज्यों के लिए एक ही नारा ! जिस किसी ने भी यह बनाया है उसकी बुद्धिमत्ता की दाद देनी पड़ेगी .
Forwarded as received.
गहनतम अंधकार भी हल्की सी
रोशनी की किरण से हार जाता है .
अपने आप को पहचानो …..
अपने अंदर के अंधकार को हराओ .
दूसरे को जीत कर क्या करोगे ?
जीतना है तो अपने आप को जीतो .

Learn this from water:
loud splashes the brook
but the oceans depth
are calm.

Buddha 🌈
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