लोगों को बोलते सुना है – थोड़ा झूठ तो चलता है .
फिर जब उनसे कोई झूठ बोलता है.
तब क्यों उन्हें वह ज़हर लगता है ………?
वे सागर की लहरों का यह नियम क्यों भूल जातें हैं-
जो दूसरों को दोगे वह कभी ना कभी लौट कर आता है .

William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
लोगों को बोलते सुना है – थोड़ा झूठ तो चलता है .
फिर जब उनसे कोई झूठ बोलता है.
तब क्यों उन्हें वह ज़हर लगता है ………?
वे सागर की लहरों का यह नियम क्यों भूल जातें हैं-
जो दूसरों को दोगे वह कभी ना कभी लौट कर आता है .


दर्द ने बताया
समंदर बाहर हो या
दिल अौ आँखों के अंदर .
दोंनो खारे होते हैं.


बहते झरने का पीछा किया .
नीलाभ की में डूब
कभी ऊपर कभी नीचे बलखाती
चट्टानों से गिरती , टकराती , बहती
कहीं भंवर , कहीं छिछली ,कहीं गहरी ,
अंत में जा गिरी नदी अौर फिर सागर में …….
लगा यह तो जिंदगी बह रही है
जीवन यात्रा के रुप में।


सुना था जिंदगी के सफ़र में,
ऐसे कई मोङ आते हैं
जहाँ कोई ना कोई छूट जाता हैं .
यह भी सुना-
छोटी सी है जिंदगानी
उम्र दो-चार रोज़ की मेहमान है .
मौसम रोज बदलते हैं…….
पर ऐसे बिना बोले
कोई अपना जाता है क्या ?

corruption Unlimited

मालखाने के शराब पीने के कलंक से आहत ,
चूहों में राहत की लहर दौड़ गई है.
लम्बी स्ट्राइक के बाद सच्चाई सामने आता देख ,
शराब की लापता बोतलेंपुलिस वालों के पास पा
चूहों ने ली चैन की साँस और नारा लगते देखे गए –
चूहे शराब नहीं पीते !!!!!
क्या आप जानते हैं बदलते मौसम का असर, विंटर ब्लूज़ सिंड्रोम क्या है?

मौसमी भावात्मक विकार (SAD) एक मनोदशा या मानसिक स्थिती है, जिसमें पूरे वर्ष सामान्य मानसिक स्वास्थ्य वाले लोगों में हर साल एक ही समय में अवसादग्रस्तता के लक्षण दिखते हैं, जो आमतौर पर सर्दियों में होता है। गर्मियों में भी यह समस्या हो सकती हैं।
कारण -दिन के उजाले में कमी, बॉडी क्लॉक, शरीर में हार्मोन के स्तर में बदलाव- नींद के हार्मोन मेलाटोनिन का कम स्राव और / या मस्तिष्क में मूड को नियंत्रित करने वाला रासायनिक सेरोटोनिन का कम स्राव।
समाधान – सर्दियों के दौरान ठीक से भीजन करें, अधिक समय दिन के उजाले/ सुर्य की रौशनी में रहें, सक्रिय रहें- दिन के समय 30 मिनट के लिए व्यायाम करें या टहलें, अगर डाक्टर का सुझाव हो तब इस सिंड्रोम के लिए नियमित रूप से दवा लें और लाइट थेरेपी लें।
courtesy -wikipedia
YES, seasons can affect our mood.
winter blues syndrome


Seasonal affective disorder (SAD) is a mood disorder subset in which people who have normal mental health throughout most of the year exhibit depressive symptoms at the same time each year, most commonly in the winter. The condition in the summer can include heightened anxiety.
Reasons may be –Shorter daylight, Body clock, Changes in hormone levels in the body- low secretion of sleep hormone melatonin and/ or mood-regulating chemical serotonin in the brain.
Solutions – Eat properly during the winter, Get more daylight, Be active- Go for 30 minutes of exercise or walk during the day time, take regular Medication if prescribed any for this syndrome and Light therapy.
courtesy -wikipedia
Aim of Election – Elections enable voters to select leaders and to hold them accountable for their performance in office. … As a result, elections help to facilitate social and political integration. Finally, elections serve a self-actualizing purpose by confirming the worth and dignity of individual citizens as human beings.


चुनाव क्या गज़ब का खेल है?
वैसे तो मालुम नहीं ये भगवान को कितना याद करते हैं ?पर हर पाँच साल पर धर्म, मंदिर-मस्जिद मुद्दा याद कराते हैं।
झगङे बढ़ जाते हैं, मामला वहीं का वहीं रह जाता है।
वैसे तो नहीं पता ये इंसानियत को कितना याद करते हैं?
पर हर पाँच साल पर रिजर्वेशन-आरक्षण का खेल खेलाते हैं।
कभी भारत- पाक भँजाते हैं।
छींटाकशी, टीका-टिप्पणी, आरोप- प्रत्यारोप, एक दूसरे की टाँग खिचाईं में मस्त,
अँग्रेज ‘ङिवाइङ ऐंङ रुल’ का गुरुमंत्र दे गये।
बरसों बीते, अरसे बीते …………
मुद्दा वही पुराना हिट है।
मजे की बात है पक्षी आज भी जाल में फँस जाते हैं,
काश कुछ ऐसे मुद्दे होते –
स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, देश के उज्जवल भविष्य की बातें,
हमें यह लगता – अरे ! इस बार हम छले नहीं गये।

सुप्रसिद्ध हस्तियों की तरह, जुर्म करने वालों की ऐसी खबरों को क्या महत्व दिया जाना चाहिये?

सब जानते हैं कि
शादी ब्याह बराबरी वालों में होता है .
फिर क्या हम नासमझ है?
आप कुंडली मिलाते हो ,
रिश्ता करने से पहले .
हमने भी क्रेडेंशियल मिलाया है .
दोनों परिवार को जुर्म के क्षेत्र में एक सा पाया।
तब ऐसा सम्बंध बनाया है .
तब तो समाचार बन नाम कमाया है .
English news in detail –All in the ‘family’: Yakub Memon’s daughter weds 1993 Mumbai blasts accused Aziz Bilakhia’s son
When Sun rises, the sky brightens and Venus fades away in the daytime sky. This is Venus the Morning Star
ज़िंदगी से हिसाब करना है
आहिस्ता- आहिस्ता…..
पहले दर्द में जीने का सबक़ तो सीख लें.
काली रात के बाद
सुबह के तारे का इंतज़ार है.
इंतज़ार है सुबह के तारे का ……
और उगते सूरज के साथ उसके खो जाने का ……
When Sun rises, the sky brightens and Venus fades away in the daytime sky. This is Venus the Morning Star.
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