Courtesy- Inshorts , English news in detail
William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
Bill Gates shares worlds 10 year challenge- it’s hard to beat this
कहाँ खो गए , जैसे खो जातें हैं
रात के सितारे सवेरे की रोशनी में .
दर्द टूट के बिखरा था मेरी आँखो से
टूटते तारों की तरह .
दर्द के सागर के बीच,
दिल की कसक में रह गई,
ख्वाहिशे …..शिकायत ……
आख़िर में ना मिल पाने की .

शक और विश्वास जीवन के हिस्सें हैं.
शक ख़ुशहाल मन में भी
भय का अंधकार भर देता हैं.
विश्वास जीवन के भय भरे पलों में भी
ख़ुशियाँ और शकुन ला देता है.

What is 10 year challenge – On social media, you’ve probably noticed a trend across Facebook, Instagram, and Twitter of people posting their then-and-now profile pictures, mostly from 10 years ago and this year.
ऐसी भी क्या दुनिया जहां लगे कि सिर्फ हम ही हम हैं।
बनावटी चीजों से हटकर अगर उस प्राकृतिक सौंदर्य को निखारें,
जिसके सहारे हम हैं,
तब ज्यादा खूबसूरत लगेगी।
दुनिया ही रहे ना रहे तो सिर्फ हम ही हम हैं का क्या फायदा ?
आईने को रिश्वत देने का क्या फायदा?
किस की खूबसूरती हमेशा टिकी है?
उम्र और जवानी आज या कल ढल जाएगी।
लाखों करोङो वर्ष की पृथ्वी पर ,
अगर रह गया पानी, मौसम, पेड़, फूल, पौधे, जीवन तब हमारी जिंदगी संभल जाएगी।
ज़माना भी अजीब हैं, लोगो सिर्फ10 साल पहले 10 साल बाद सोंच रहें है।



All images- courtesy google.
लोगों को बोलते सुना है – थोड़ा झूठ तो चलता है .
फिर जब उनसे कोई झूठ बोलता है.
तब क्यों उन्हें वह ज़हर लगता है ………?
वे सागर की लहरों का यह नियम क्यों भूल जातें हैं-
जो दूसरों को दोगे वह कभी ना कभी लौट कर आता है .


दर्द ने बताया
समंदर बाहर हो या
दिल अौ आँखों के अंदर .
दोंनो खारे होते हैं.


बहते झरने का पीछा किया .
नीलाभ की में डूब
कभी ऊपर कभी नीचे बलखाती
चट्टानों से गिरती , टकराती , बहती
कहीं भंवर , कहीं छिछली ,कहीं गहरी ,
अंत में जा गिरी नदी अौर फिर सागर में …….
लगा यह तो जिंदगी बह रही है
जीवन यात्रा के रुप में।


सुना था जिंदगी के सफ़र में,
ऐसे कई मोङ आते हैं
जहाँ कोई ना कोई छूट जाता हैं .
यह भी सुना-
छोटी सी है जिंदगानी
उम्र दो-चार रोज़ की मेहमान है .
मौसम रोज बदलते हैं…….
पर ऐसे बिना बोले
कोई अपना जाता है क्या ?

corruption Unlimited

मालखाने के शराब पीने के कलंक से आहत ,
चूहों में राहत की लहर दौड़ गई है.
लम्बी स्ट्राइक के बाद सच्चाई सामने आता देख ,
शराब की लापता बोतलेंपुलिस वालों के पास पा
चूहों ने ली चैन की साँस और नारा लगते देखे गए –
चूहे शराब नहीं पीते !!!!!
क्या आप जानते हैं बदलते मौसम का असर, विंटर ब्लूज़ सिंड्रोम क्या है?

मौसमी भावात्मक विकार (SAD) एक मनोदशा या मानसिक स्थिती है, जिसमें पूरे वर्ष सामान्य मानसिक स्वास्थ्य वाले लोगों में हर साल एक ही समय में अवसादग्रस्तता के लक्षण दिखते हैं, जो आमतौर पर सर्दियों में होता है। गर्मियों में भी यह समस्या हो सकती हैं।
कारण -दिन के उजाले में कमी, बॉडी क्लॉक, शरीर में हार्मोन के स्तर में बदलाव- नींद के हार्मोन मेलाटोनिन का कम स्राव और / या मस्तिष्क में मूड को नियंत्रित करने वाला रासायनिक सेरोटोनिन का कम स्राव।
समाधान – सर्दियों के दौरान ठीक से भीजन करें, अधिक समय दिन के उजाले/ सुर्य की रौशनी में रहें, सक्रिय रहें- दिन के समय 30 मिनट के लिए व्यायाम करें या टहलें, अगर डाक्टर का सुझाव हो तब इस सिंड्रोम के लिए नियमित रूप से दवा लें और लाइट थेरेपी लें।
courtesy -wikipedia
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