You have no need to travel anywhere –
journey within yourself.
Enter a mine of rubies
and bathe in the splendor
Of your own light.

किसी का नाम लेते ख्याल आता हैं …….
हर बात में अगर-मगर, कमी निकाल ही देनेवाले
कितना भी बच कर निकलो, खरोंचे आएँगी हीं.
ये लोग दूर से ही भले होते हैं.
जैसे कुछ फूलो के बीच में चुभन सी रहती हैं.
काँटें , नागफनी थूहर कुछ कैक्टस से लोग .
हरा भरा , पर कुछ चुभने सा ,
लोग इन्हें सज़ा कर रखते भी हैं.
अगर दूसरों के बाग़ों या गमलो में हों तब ,
हमें भी अच्छे लगते हैं, दूर से, सिर्फ़ दूर से .

Accept and love yourself !!

Buddha



India could soon have more writers than readers: Ruskin Bond
समाज में लेखकों की गिनती बढ़ना,
बुद्धिजीवियों के बढ़ने की पहचान है.
लेखक तो स्वभाविक रूप से पाठक होते है.
अच्छा लिखने की पहली शर्त है पढ़ना .
इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है कि पाठक कितने है?
आप सब इस कथन पर अपने विचार देने के लिये आमंत्रित है।
बड़े सिद्दत से, संजीदगी से ,
यादों को क़ैद कर रही थी .
मन में, ख़यालों में,
कुछ नई यादों में भी.
जब लगा कुछ मीठी सी
जमा हो चुकी
है यादे .
तब समझ आया
नहीं क़ैद मेरे पास कुछ भी .
मैं हीं क़ैद हूँ यादों में.

Click or Just type –
in the Web browser you can see the wind pattern view of the whole world wind flow.
Zoom in near tamilnadu you will see Cyclone fani movements.

Buddha 🌈
अब क्या लिखें कि तुम्हारे जाने से क्या हुआ ?
अब क्या बताएँ कि तुम्हारे मिलने से क्या हुआ था?
खंडित काव्य में व्यक्त आधा अधूरापन सा,
हवाओं ने बदला रूख जीवन यात्रा का।
तितिक्षा से…बिन प्रतिकार,
बिना शिकायत, धैर्य से कोशिश है,
भँवर में जो शेष है … बचा है….
उसे बचाने की।

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