ना गिन दौलत,
ना गिन माल-ओ-असबाब,
गिन बस अपनी साँसें,
और हर लम्हा अमल में ढाल.
रूह का सफ़र है,
बाक़ी सब फ़ना है!!!

ना गिन दौलत,
ना गिन माल-ओ-असबाब,
गिन बस अपनी साँसें,
और हर लम्हा अमल में ढाल.
रूह का सफ़र है,
बाक़ी सब फ़ना है!!!




मोक्षदा एकादशी के पवित्र दिन
आपकी आत्मा अनन्त प्रकाश में विलीन हुई।
आपकी मुस्कान आज भी सहारा है।
आपकी सीखों और संस्कारों
ने जीवन सँवारा हैं।
Tribute: To my father on his death- anniversary
(Geeta Jayanti / Mokshada Ekadashi) In Margashira,

दयालुता और नेकी की एक किरण,
कई दिलों को रौशन कर जाती है।
बम विस्फोटों के ख़ौफ़नाक मंजर
और आतंक को पीछे छोड़,
मेहरबान बनो —
ताकि यह जहाँ और भी बेहतर बन सके।
Be kind, and make this world a better
place to live in. But don’t forget —
be kind to yourself too. True change
begins within.

लोगों ने चेहरों पे न जाने कितने नक़ाबात लगा रखें हैं,
हर मुस्कुराहट के पीछे कुछ हिसाबात छुपा रखे हैं।
खुली आँखों से तो सब हसीन नक़्शे लगे हैं।
कैसे असली इंसान और रूह पहचानें?
कितनों ने एक चेहरे पर कई चेहरे लगा रखें है।

भारत वन्य जीवन और अनूठा संसार: आर्द्रभूमि पर बना बिगवान – वेटलैंड की दुनिया
लेखिका: डॉ. रेखा रानी
प्रकाशित तिथि: 26 अक्टूबर 2025
स्रोत: Amar Ujala – पूरा लेख पढ़ें
परिचय
पुणे, महाराष्ट्र में स्थित बिगवान वेटलैंड भीमा नदी पर बना एक सुंदर जलाशय है। यह केवल एक प्राकृतिक तालाब नहीं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और स्थानीय जल संतुलन का अहम केंद्र है।
वेटलैंड की महत्ता
बिगवान में सालभर ताजे पानी का स्रोत बना रहता है।
यह स्थानीय समुदाय के मछली पालन और जल संरक्षण में सहायक है।
यहाँ अनेक जलीय जीव, पौधे, और पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय मिलता है।
मछलियाँ और जलीय जीवन
यहाँ रोहू, कतला, मृग, सिल्वर कार्प, और भारतीय हिल्सा जैसी कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
वेटलैंड के इर्द-गिर्द ड्रैगनफ़्लाई, डैमसेलफ़्लाई, जल-मक्खियाँ, भौंरे, और तितलियाँ आम दृश्य हैं।

पक्षियों का स्वर्ग
अक्तूबर से मार्च तक, यहाँ दूर-दराज से प्रवासी पक्षी आते हैं —
फ्लेमिंगो, सफेद सारस, बगुले, कस्तूरी बाज, गूल, पेलिकन, और किंगफिशर जैसी प्रजातियाँ इस वेटलैंड को जीवंत बना देती हैं।
यह स्थल पक्षी प्रेमियों और पर्यावरण वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र है।
स्थानीय आस्था
स्थानीय समुदाय बिगवान झील को पवित्र मानता है और इसे भगवान शिव द्वारा संरक्षित क्षेत्र समझता है।
बिगवान वेटलैंड न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत की प्राकृतिक धरोहर है। यह जल, जीवन और जैव विविधता का अद्भुत संगम है — जिसे हमें संरक्षित रखना चाहिए।
लेखिका का परिचय:
डॉ. रेखा रानी पर्यावरण और वन्य जीवन विषयों पर सक्रिय लेखिका हैं। उनका लेख “भारत वन्य जीवन और अनूठा संसार: आर्द्रभूमि पर बना बिगवान वेटलैंड की दुनिया” Amar Ujala में 26 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित हुआ।
🔗 पूरा लेख पढ़ें:
https://www.amarujala.com/columns/blog/indian-forest-world-bhigwan-wetland-in-maharashtra-2025-10-26