परिवर्तन

जीवन रूकता नहीं .परिवर्तन शाश्वत सत्य है ना जीत रूकती है ना हार रूकती है .बस हाथों की रेखाओं के भरोसे ना राह अंगुलियों और हाथोंके मेहनत पर भरोसा होना चाहिए .

4 thoughts on “परिवर्तन

  1. नदियों को देखा है। निरन्तर बहती रहती है, अपने गन्तव्य की ओर। रास्ते के पत्थरों की परवाह किए बिना। यही जीवन है। निरन्तर आगे बढना।

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