कमल और कुमुदिनी

कुमुदिनी ने कहा चाँद से ,

तुम आते हो तो

तुम्हारी शीतलता में मैं खिल जाती हूँ .

क्यों तुम जाते हो ?

क्या तुम्हें मुझसे प्यार नहीं ?

सूरज की तेज़ रौशनी चुभती है

और मैं मुरझा जाती हूँ .

दर्द भरी हँसी के साथ चाँद ने कहा –

जाना ही होगा मुझको .

हम दोनों एक दूसरे के लिए वैसे ही है

जैसे सूरज और कमल .

कमल को भी तो खिलना है

सूरज से मिलना है……..

Love and barriers

Your task is not to seek for love,

but merely to seek and find

all the barriers within yourself

that you have built against it.

वर्तमान