सबक- कविता

जिंदगी से एक गहरी सबक मिली।

किसी को परेशानियों में,

सलाह जरुर देनी चाहिये।

पर बिन माँगे  मदद के लिये,

हाथ भी बढ़ाना  देना चाहिये।

इसमें खतरा तो हैं,

पर

ना जाने कौन किस लम्हें  में,

किस  दौर से गुज़र रहा है?

जाने-अनजाने हीं किसी की दुआ मिल जाये।

Take Risks in Your Life If you Win, U Can Lead! If You Lose, You can Guide!
Swami Vivekanandalife

image from internet.

14 thoughts on “सबक- कविता

  1. जिंदगी सबक का ही तो नाम है..
    खुदा इससे कहाँ अनजान है..
    मदद करना अगर किसी की भी..
    तो स्वार्थ को हमेशा दूर रखना..
    ऊपर बैठा बाजीगर मदद से अनजान तो नही..
    देता है वो मदद अनजाने मे ही..
    बस माध्यम किसी न किसी को बना देता है..😊

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    1. बिलकुल सही . मैने कविता में लिखा भी है — इसमे खतरा है.
      इस बवजह से मैने 1-2 बार ऐसी बातों को अनदेखा किया. जिसका मुझे आज भी अफसोस और guilt है.

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    2. बिलकुल सही . मैने कविता में लिखा भी है — इसमे खतरा है.
      इस बवजह से मैने 1-2 बार कुछ बातों को अनदेखा किया. जिसका मुझे आज भी अफसोस और guilt है.

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