सुनहरी सुबह और रुपहली शाम – कविता

एक आदत सी थी,

बेफिक्री से गुनगुनाने और मुस्कुराने की।

सुनहरी सुबह और  रुपहली  शाम की ,

खूबसूरती में ङूब जाने की। 

पर ज़माने  ने  इसमें भी  कमियां निकाल दी।

तब ख्याल आया, 

अब तो 

खूबियों के सिवा कुछ बचा हीं नहीं ।

 हाथ जुङ गये  इबादत में।

When the world pushes you to your knees, you’re in the perfect position to pray.
~ Rumi

42 thoughts on “सुनहरी सुबह और रुपहली शाम – कविता

    1. Hi Shaloo , Couple of times , I tried to write compliments on yr blog via my wordpress a/c but unable .
      I like your write ups. Comment which i tried to post tody is pasted here —

      beautiful poetry !! Surrender to god is the best solution of misery n stress. In my opinion krishna is the greatest counselor of the world .

      Liked by 1 person

  1. बहुत सुन्दर, मैने भी इसमे कुछ जोड़ा है ,शब्दों को जरा सा घुमा फिरा कर ही सही कुछ छंदो को बोला है ….

    बेफिक्री से गुनगुनाना और मुस्कुराना भी
    इबादत ही होती है
    प्रकृति की सुन्दरता मे डूब कर आत्मा
    को भिगो देना भी
    इबादत ही होती है
    हाथ जोड़कर इबादत करना ही जरूरी
    नही होता
    मन से सच्चा होना भी इबादत ही होती है

    Liked by 6 people

    1. वाह ! आपने दिल खुश कर दिया. कितनी सुंदर पंक्तियाँ है. 😊😊
      मुझे लगता है , आलोचकों की हमें बड़ी ज़रूरत है. वे दिल तो दुखाते है लेकिन ईश्वर की याद दिलाते रहते है और कमियां दिखाने के लिये आईने का काम करते है.

      Like

  2. तो यह खूबसूरती है आपके शब्दों की। आपके उन विचारों की जो आपके मन मस्तिष्क में छाये हुए है।
    बहुत खूब..
    शानदार..

    Liked by 1 person

      1. एक आदत सी थी..बेफिक्री से गुनगुनाने की और मुस्कुराने की….कुछ ऐसी आदत लगभग हर किसी की होती है..लेकिन हर कोई अपने अंतर्मन को अभिव्यक्त नहीं कर पाता.. ये आपके शब्दों को कविता में पिरोने की कला है जो हर किसी को अपनी सुनहरी सुबह और रुपहली शामों की याद दिलाती है।

        Liked by 1 person

      2. अच्छा , ये बात है. धन्यवाद , मै अक्सर कविताओं में वही लिखने की कोशिश करती हूँ, जिसका सामना हम सभी कभी ना कभी अपनी जिंदगी में करते है .

        Liked by 1 person

      1. Thank you😊
        No doubt, but the way you write in Hindi is commendable. The selection of each and every word is wonderful.

        Liked by 1 person

Leave a comment