
जश्न-ए-चराग



अपना पीछा करते करते,
मुलाक़ात हुई अपनी परछाईं-ए-नक़्श से।
मिले दरिया के बहते पानी में अपने अक्स से।
मिले आईने में जाने पहचाने अजनबी शख़्स से।
मुस्कुरा कर कहा आईने ने –
बड़ी मुद्दतों के बाद मिली हो अपने आप से।
वक्त तो लगेगा जानने में, पहचानने में।
उलझे जीवन रक़्स में,
बिंब-प्रतिबिंब देख बे-‘अक्स
हो खो ना जाए यह शख़्स।
अर्थ – रक़्स – नृत्य

कमल की अधखिली कलियाँ हों नीम-बाज़।
या नींद में डूबी आँखें नर्गिस-ए-नीम-बाज।
ख़ूबसूरती और ख़ुशबू से दोनों की कर देतीं है
दिल ख़ुश मिज़ाज।
अर्थ
*नर्गिस-ए-नीम-बाज -half opened eye (like narcissus flower)
* नीम–बाज़ – अध-खुला, आधा खुला आधा बंद, अधखुली,नशीली, मदहोश, मंत्रमुग्ध (प्रायः पलक, पुत्ली, आँख, कली आदि की विशेषता के लिए प्रयोग )

किसे तलाश रहें हो?
अपने आप को?तन्हाई में देखो गौर से आइने को।
मिलो और बातें करो, पहचानो अपने आप को।
अपना अक्स देखो।
अपनी आँखों में देखो।अपने साथ सारी ज़िंदगी है गुज़ारनी।
जैसे हो, वैसे स्वीकारो अपने-आप को।
मन में भरे सवालों के जवाब मिलने लगेंगे।
अपने-आप से ज़्यादा कोई अपना नहीं लगेगा।
Positive Psychology- Psychologists and
neuroscience researchers say, honestly
gazing Your Own Reflection in a mirror
brings Authenticity, emotional awareness
and a new, more positive perspective of
your self.

रंग बदलते मौसम, रंग बदलती दुनिया,
रस्ते बदलते दरिया और नादियाँ देख,
हर साँचे में ढलने वाले पानी के कहा – देख
वक़्त के साथ बदलना नहीं है मीनमेख।
नीर ने कहा, हर हाल में ख़ुश रहना सीख।
हमने तो सीख लिया हर हाल में ढलना।
भाप, बुलबुले बर्फ, नीर बन बह चलना।
ठंड में नाचते बर्फ के क्रिस्टल बन पलना।
बुलबुले से विलीन हो सम्मोहन बर्फ के फूल में खिलना।
जब अपना समय आएगा, बर्फ फिर नीर बन जाएगा।

छोड़ आयी हूँ उस दरवाज़े तक।
लौट कर आओगे नहीं उस फ़लक
वापस कभी इस जहान तक।
फिर भी हर आहट पर होता है शक।
नज़रें उठ जाती है इस ललक,
शायद लौट आओ, दिल कहता है बहक।
सूनी राहें देख कदम रह जाते हैं ठिठक।
रूह में रह जाती है कसक।

“वसुधैव कुटुम्बकम्” हमारी संस्कृति का चरमबिन्दु।
“समस्त धरती है परिवार” भारत का यह विचार मृदु।
तुम्हें अब आया ख़्याल, विश्व के सब नागरिक है एक!
अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस मनाना किया शुरू।
हमारे विचारधारा सिखाते और मनाते हैं इसे हर रोज़।
हमारे संस्कार रूपी डएनए में यह है अंकित बन्धु।
यह वाक्य भारतीय संसद कक्ष में है अंकित साधु।
हमारे महा उपनिषद ग्रन्थों में है यह लिपिबद्ध बन्धु।
मानो या ना मानो हम हैं विश्व गुरु!
अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम् ।
उदारचरितानां वसुधैव कुटुम्बकम् ॥
( महोपनिषद्, अध्याय ६, मंत्र ७१)
अर्थ – यह मेरा अपना है और यह नहीं है, इस तरह की गणना छोटे चित्त वाले लोग करते हैं। उदार हृदय वाले लोगों की तो (सम्पूर्ण) धरती ही परिवार है।
English meaning- “Vasudhaiva Kutumbakam” is a Sanskrit phrase found in Hindu texts such as the Maha Upanishad, which means “The World Is One Family”. Vedic tradition mentions “Vasudhaiva Kutumbakam” meaning all living beings on the earth are a family.

कुछ यादें बाक़ी हों,
पर यादों की गलियाँ पीछे छूटने लगें।
चोट के कुछ निशा बाक़ी हों,
पर ज़ख्म भरने लगे।
ज़ख़्म में कुछ कसक बाक़ी है, पर दर्द घटने लगे।
धूप-छाँव ढल, धूप खिलने लगे।
उल्फ़त की धुंधली यादें,
उल्फ़त फिर करने कहने लगें।
तब ख़ुद को आज़माना।
यह इश्क़ है, वालिहान है, इबादत या बंदगी है?
अर्थ – वालिहाना ~ भक्तिपूर्वक, प्रेमियों की तरह का,
आशिकों जैसा, प्रेमपूर्वक, भावुकतापूर्ण, पागलों की तरह,

ख्वाहिश है अगली बार,
उम्र तुम्हारी लंबी हो यार।
तुम समझो, क्या होती है यादें
तुम जानो, क्या होता है तोड़ना वादें।
बस इतनी सी है मेरी बिखरी जहानी।
मेरी गुमशुदा ज़िंदगी की कहानी।
अर्थ- जहानीः worldly, relating to the world

रंग-बिरंगी रौशनी, कॉस्मिक क्लाउड बिखेरी सितारों ने
या रंग अबीर से खेली होली नभ के तारों-सितारों ने?
है यह समुद्र के नीचे की रीफ है या कॉस्मिक रीफ?
अद्भुत है आकाशगंगा और ऑरेंज नेबुला की ज़ईफ़।
करनी होगी चमकते-दमकते सितारों की ता’रीफ़
अर्थ ज़ईफ़ – faint, feeble, old.
News – December 16, 2022
Hubble Views a Billowing Cosmic Cloud. A stunning image of cosmic beauty, consisting of an ethereal hourglass of orange and blue dust being thrown out from a newly emerging star at its core, was recently photographed by NASA’s James Webb Space Telescope.
अंतरिक्ष में ‘अंडरसी वर्ल्ड’: 160,000 प्रकाश-वर्ष दूर से कॉस्मिक रीफ की शानदार छवि साझा की नासा ने। हबल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा ली गई कॉस्मिक रीफ की एक तस्वीर।
https://science.nasa.gov/hubble-views-star-studded-cosmic-cloud
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