ज़िंदगी के रंग – 88

ज़िंदगी के दो छोरों

को बाँधने की कोशिश

ना करना.

हमने इस कोशिश में

जाया किया है

सुनहरे पलों को.

और हाथ आया सिफ़र .

यह तो वह बहाव है .

जो अपना रास्ता

ख़ुद ही ढूँढ लेती है .

तमन्ना

तमन्ना हमसे अक्सर पूछती है-

“मैं कब पूरी होऊंगी..?

हम भी हँस कर जवाब दे देते हैं,

जो पूरी हो जाये ..

वो तमन्ना ही क्या..??

Unknown

एहसास

कई बार दिल वह देख लेता हैं

जो आँखें नहीं देख पातीं .

प्यार के एहसास का जादू

कभी ना कभी सभी के दिलो

को छू जाता है.

भले हीं इस प्यार का रंग

सब की नज़र में अलग- अलग हो .

इस भीड़ भरी दुनिया में,

उलझनों , परेशानियों , ख़ुशी-ग़म

रोशनी-अंधेरे में अक्सर

प्यार की रौशनी हीं राह सुझातीं हैं …..

आश्रु भरे नयन

धीरे धीरे , आहिस्ता – आहिस्ता

सारे पल बीत गये,

समय को पकड़ने की

कोशिश मेंरह गईं रिक्त मुट्ठी …..

और कुछ ख़्वाब, यादें और ख़्याल .

विवश कुमहलाया चेहरा

और आश्रु भरे नयन ……

यादें

चाहो या ना

चाहो ये यादें

साये की तरह

लिपटी रहती है .

बग़ैर इजाज़त तुम्हें

याद करने की गुस्तखियों के

लिए तहे दिल माफ़ी की गुज़ारिश है.

 

 

 

 

.

ज़िंदगी के रंग – 77

जीना सीखते सीखते

बरसो लग जाते है .

और जीना सीखते समझते

जाने का वक़्त आ जाता है.

फिर भी कहने वाले कहते है –

” तुम्हें जीना नहीं आया ‘

 

 

फटे यथार्थ के टुकडे

चोट खाया मर्म,

कुछ कड़वे रिश्ते

तीखी यादें अतीत के शून्य

में कहीं विलीन हो जातें है .

उन्हें चिर निद्रा में डूबा रहने देना ही ठीक है .

वापस खिंचने की कोशिश में हाथ आते है मात्र फटे यथार्थ के टुकडे

 

.

पल

मैं गुजरे हुए

कल को तलाशता रही दिनभर…!

और शाम होते-होते

मेरा आज भी चला गया…!!

 

Unknown

 

Picture Courtsey Zatoichi

जीवन का हिसाब

जीवन का हिसाब

सुलझा ना सकी.

मेरे बीते पल

लौटा दो तो,

शायद सुलझ जाय

कुछ गाँठे.

 

 

 

 

Picture Courtsey Zatoichi

जीवन के रंग -74

रेशम के रेशमी शकुन अौ एहसास

में लिपटे रेशम कीट,

ककुन में अपने को

महफ़ूज़ मान

भूल जाते है

अपने क्षण भंगुर जीवन को .

वैसे हीं जैसे हम अपने

काली सफ़ेद ख़ंजन नयनों

में भरे रंगीन सपने में डूब

भूल जाते है

जीवन की नश्वरता को.

सिल्क धागा निकालने के लिए अंडाकार ककुन , जिसके अंदर जीवित सिल्क कीट होते है , उसे गर्म पानी में उबाला जाता है .

Cocoons are collected, which are single-shelled and oval in shape, and are then boiledto extract the silk yarn from it. The cocoons are boiled with the living larvae / silk worm still inside.