फ़रोजाँ

दर पर

टूटता हुआ तारा

खो ना दूँ तुम्हें

काग़ज़ी मन

दर्द

Mirror

दर्द भी तुम, दवा भी तुम

हम सब के अंदर भी चाँद है !!

इनायत