क्या आप जानते हैं , दुनिया में सबसे ज्यादा आत्महत्या हमारे देश (2012 )में होता है। जिसे यहाँ अपराध माना जाता था। जबकि विश्व भर में आत्महत्या को गंभीर मानसिक तनाव व अवसाद का परिणाम बताया जा रहा है। अफसोस की बात है, भारत की आबादी का 27% अवसाद /depression से (विश्व स्वास्थ्य संगठन/ WHO के अनुसार) पीड़ित है। भारत जैसे विशाल देश में मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाओं और संसाधनों की भारी कमी है।
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विधेयक
विश्व में अनेक देशों में मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक रोगों जैसा महत्व दिया जा रहा है। पर हमारे देश में मानसिक स्वास्थ्य / रोग को छुपाया जाता है। अच्छी खबर है , कि सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को महत्व देते हुए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विधेयक बिल तैयार किया गया है। उम्मीद है यह जल्दी हीं ठोस रूप लेगा।
जागरुकता
आज सबसे जरुरी है, लोगों में जागरुकता लाना। मानसिक समस्या को संकोच अौर शर्मिदगी नहीं समझना चाहिये। इसे छुपाने के बदले चिकित्सकिय सहायता लेना चाहिये।
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