प्लास्टिक हीं प्लास्टिक है चारों ओर।
चाहे जितना मचा लो शोर।
आज धरा की ख़ुदाई में मिलते हैं प्राचीन अवशेष।
कुछ सौ साल बाद क्या रहेगा शेष?
ख़ुदाई में मिलेंगे क्या प्लास्टिक के मानव अवशेष?

प्लास्टिक हीं प्लास्टिक है चारों ओर।
चाहे जितना मचा लो शोर।
आज धरा की ख़ुदाई में मिलते हैं प्राचीन अवशेष।
कुछ सौ साल बाद क्या रहेगा शेष?
ख़ुदाई में मिलेंगे क्या प्लास्टिक के मानव अवशेष?
