जंग लगी कुंजियों से
रिश्तों के सुप्त तालों को
खोलने की कोशिश में
ना जाने कितने नील गरल
निकलते हैं इस सागर से.
इन नील पड़े चोट के निशान
दिखती नही है दुनिया को,
शिव के नीलकंठ की तरह.
पर पीड़ा….दर्द बहुत देती हैं.


मन अौर दिल पर लगे,
हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर
ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..
जीवन के हर सबक, पीड़ा अौर आघात के लिये
ये तमगे हैं, जिन्हों ने जीना सीखाया।
मन अौर दिल पर लगे,
हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर
ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..
जीवन के सभी सबक, पीड़ा अौर आघात
वे तमगे अौर पदक हैं,
जिन्हों ने जीना सिखाया।
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