तारीखें चुभती है!!
जाना जरूरी था,
तो कम से कम इतनी राहत
इतना अजाब तो दे जाते…
आँखों में सैलाब दे जानेवाले,
कैलेंडर के जिन पन्नों के साथ हमारी जिंदगी अटकी है।
उसमें से कुछ तारीखें तो मिटा जाते ।
ये तारीखें चुभती है।
कैद तारीखों का
दीवार पर लगे कैलेंडर पर
आज भी तारीख और साल वही है ।
ठहर गई है वह तारीख जिंदगी में भी ।
रिहा कर दो , बख्श दो तारीखों के कैद से ।
हाजिरी लगाना दर्द देता है इस मुकदमे में।
Goodbyes !!!
Goodbyes are only for those
who love with their eyes.
Because for those who love
with heart and soul
there is no such thing as separation.
Rumi ❤
सोने का मुल्लमा
किताब-ए-ज़िंदगी
का पहला सबक़ सीखा,
रिश्तों को निभाने के लिए,
अपनों की गिलाओ पर ख़ामोशी के
सोने का मुल्लमा चढ़ना अच्छा है.
पर अनमोल सबक़ उसके बाद के
पन्नों पर मिला –
सोने के पानी चढ़ाने से पहले
देखो तो सही…
ज़र्फ़….सहनशीलता तुम्हारी,
कहीं तुम्हें हीं ग़लत इल्ज़ामों के
घेरे में ना खड़ा कर दे.

आँसुओं का बोझ
मुस्कुराने की कोशिश में
पलकों पर झलक आए,
आँसुओं का बोझ
बता रहे हैं…….
राहों पर हीं खो गए सारे रंग ज़िंदगी के.
गिला हीं बचा है शेष,
आख़री पड़ाव पर ….
मंज़िल-ए-ज़िंदगी के.

सुकून-ए- इतर
भटक रहें हैं इस जहाँ में,
खोजते …..
कोई है ऐसा जो मन, दिल..
दिमाग़ , आत्मा ….रूह में
सुकून-ए- इतर भर दे?

India slips 10 places to 68th on global competitiveness index; Singapore tops list

India needs to grow its skills base, while its product market efficiency is undermined by a lack of trade openness and the labour market is characterised by a lack of worker rights’ protections, insufficiently developed active labour market policies and critically low participation of women.
क्यों कुरेदते हो राख ?
बनाया भी रावण,
जलाया भी रावण.
फिर क्यों कुरेदते हो
राख को अगले बरस?
फिर रावण बनाने को?
और शिकायत भी करते हो,
कि मरता नहीं रावण.

आसमान का महताब
टिमटिमाते जुगनु और सितारे,
बोल पड़े –
यादों से धुँधली पड़ी ज़िंदगी
से बाहर निकल .
त्योहार है …ख़ुशियों का .
उमंग भरे रंग बिखेरो .
देखो, सीखो –
आसमान का महताब कितनी बार
अधूरा हो पूरा होता है .
फिर भी दमकता रहता है.


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