भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है इसका भय अौर चिन्ता,
भूत काल की यादें, दुख ….अफसोस ….पछतावा
क्या कुछ बदल सकता है ?
फिर क्यों नहीं चैन से साँस लिया जाय
अौर वर्तमान में …..
जिया जाये ? ?
भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है इसका भय अौर चिन्ता,
भूत काल की यादें, दुख ….अफसोस ….पछतावा
क्या कुछ बदल सकता है ?
फिर क्यों नहीं चैन से साँस लिया जाय
अौर वर्तमान में …..
जिया जाये ? ?
भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है यह भय
भूत काल का दुख ….अफसोस ….पछतावा
क्या कुछ बदल सकता है ?
फिर क्यों नहीं वर्तमान में …..
जिया जाये ? ?






The highest and most beautiful
things in life
are not to be heard about,
nor read about,
nor seen but,
if one will,
are to be lived.
~~ Søren Aabye Kierkegaard

चाँद डूबा सूरज के लिए,
सूरज ढल गया चाँद के लिए
रिश्तों में झुकना तो चलता है
पर कुछ एक दूसरे से बँधे होते है
पर नदी के दो किनारे जैसे .
एक रिश्ता ये भी निभा रहे है .
चाँद डूबा सूरज के लिए,
सूरज ढल गया चाँद के लिए

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