
कुछ समंदर का भंवर देखना था,
कुछ मुक़द्दर का असर देखना था I
कुछ तूफान का क़हर देखना था,
कुछ अपमान का ज़हर देखना था I
कुछ प्रस्तर में अंकुर देखना था,
कुछ जलधर का शरर देखना था I
कुछ सपनों में अग्यार देखना था,
कुछ अपनो में अहंकार देखना था I
###
शरर : चिंगारी
अग्यार : अजनबी
जलधर : बादलप्रस्तर : पत्थर
बहुत अच्छी लाईनें
LikeLiked by 1 person
धन्यवाद !!
LikeLiked by 1 person