जाने कौन सी शौहरत
पर आदमी को नाज़ है,
जो आखरी सफर के लिए भी
औरों का मोहताज़ है….

Unknown
जाने कौन सी शौहरत
पर आदमी को नाज़ है,
जो आखरी सफर के लिए भी
औरों का मोहताज़ है….

Unknown



कोई हुनर ,
कोई राज ,
कोई राह ,
कोई तो तरीका बताओ….
दिल टूटे भी न,
साथ छूटे भी न , कोई रूठे भी न ,
और ज़िन्दगी गुजर जाए।
Unknown
Relations which have to be managed are never true.
And if the relations are true they are never required to be managed.

Unknown
गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें ,
यूँ ही मुसाफिरों की तरह .
यादें वहीं खडी रह जाती हैं ,
रूके रास्तों की तरह .

Unknown



You must be logged in to post a comment.