शब्द, विचार अौर सपने

ना जाने कितने शब्द अौर विचार 

जेहन में आते जाते रहते हैं ।

कुछ को पन्नों पर ऊतार  दिया

अौर कुछ खो जाते है।

 सोते या अर्ध निंद्रा में  भी

कई विचार अाते जाते रहते है।

पकङ लिया तो अपने हैं

वरना सपने हैं। 

6 thoughts on “शब्द, विचार अौर सपने

    1. पता नहीं आप मेरी बातों से कितना सहमत होंगे। मैंने अक्सर देखा है कि नींद या आधी नींद में बहुत से खूबसूरत अौर लाजवाब ख्याल आते रहते हैं। 🙂

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