यह दुनिया निराली है .
राग -रंग, माया- मिथ्या
के बीच ,
कभी लगता है , सभी अपने है .
चारो ओर मेले ही मेले है .
कभी लगता है –
इस भरी दुनिया में तनहा है .
सब अकेले ही अकेले है .

यह दुनिया निराली है .
राग -रंग, माया- मिथ्या
के बीच ,
कभी लगता है , सभी अपने है .
चारो ओर मेले ही मेले है .
कभी लगता है –
इस भरी दुनिया में तनहा है .
सब अकेले ही अकेले है .


Why are you
so enchanted
by this world,
when a mine of gold
lies within you?”
❤️❤️. Rumi

Your task is not to seek for love,
but merely to seek and find
all the barriers within yourself
that you have built against it.


चैत्र नवरात्र से वैदिक नववर्ष की शुरूआत होती है। 18 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है. इसी के साथ 18 मार्च को ही हिंदू नव वर्ष की भी शुरुआत हो रही है। इस तिथि को काफी पवित्र माना जाता है। कहते हैं युगों में प्रथम सत्ययुग की शुरुआत इसी तिथि से ही हुई थी.
क्यों मनाया जाता है हिंदू नववर्ष – चैत्र का महीना भारतीय कैलंडर के हिसाब से साल का पहला महीना होता है। पौराणिक मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ही आदिशक्ति प्रकट हुईं थी. आदिशक्ति के कहने पर ही ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना करनी शुरू की थी। यही कारण है कि चैत्र शुक्ल के पहले दिन को हिंदू नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन हुई पंचाग की भी रचना हुई थी।
Life would be tragic
if it weren’t funny.
Stephen Hawking

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