साँसे चले …समय गुजरता रहे बस …..
क्या यही है ज़िंदगी?
ना मक़सद …. ना ख़्वाब ……
हसीन तोहफ़ा है यह ज़िंदगी.
थोड़ी तमन्ना, अभिलाषा, लालसा
लक्ष्य…. मकसद मिला कर
गुनगुनाइये…..
राहें खुलती जायेंगीं।
साँसे चले …समय गुजरता रहे बस …..
क्या यही है ज़िंदगी?
ना मक़सद …. ना ख़्वाब ……
हसीन तोहफ़ा है यह ज़िंदगी.
थोड़ी तमन्ना, अभिलाषा, लालसा
लक्ष्य…. मकसद मिला कर
गुनगुनाइये…..
राहें खुलती जायेंगीं।
ख़ामोशी से बनाते रहो,
पहचान अपनी .
हवायें ख़ुद तुम्हारा
नाम गुनगुनाएँगीं .

Unknown

कई बार कुछ अंत,
ज़िंदगी की नई शुरुआत होती हैं.
मुमकिन है परिवर्तन दर्द भरा हो .
गर्भस्थ शिशु नहीं जानता ,
आगे क्या है ?
कष्टपूर्ण जन्म के बाद
सामने ज़िंदगी इंतज़ार करती मिलती है !!!

उम्र जाया कर दी लोगों ने औरों के
वजूद में नुक़्स निकालते- निकालते.
इतना ख़ुद को तराशा होता
तो फ़रिश्ते बन जाते .

— गुलज़ार
❤ ❤ Rumi
दिली आभार उनका जिन्होंने जरुरत के समय
मदद के लिये हाथ बढ़ाया ।
पर उनका भी शुक्रिया
जिन्हों ने “ना” कहा।
हर “ना” ने खङा होना सिखाया।
कितनों का सच्चा रूप दिखाया ।
जरुरतमंद के लिये हाथ बढ़ाने का मोल समझ आया।
अौर
दिल ने कहा- “ना” वालों की
ज़िम्मेदारियोँ से तुम आज़ाद हो।
उनके लिये चिंतन करने के
दायित्व से मुक्त हो !!!


अच्छे लोगों का स्वभाव गिनती के
शून्य की तरह होता है….
लोगों की नजर में भले ही
उसका मूल्य कुछ भी नहीं होता…….
लेकिन वो जिनके साथ होते है
उनकी कीमत बढ़ा देते हैं…!!

Unknown
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