जब जिंदगी से कोई आजाद होता है,
किसी और को यादों की कैद दे जाता है.
सीखना चाह रहे हैं कैद में रहकर आजाद होना।
काँच के चश्मे में कैद आँखों के आँसू ..अश्कों की तरह.
जब जिंदगी से कोई आजाद होता है,
किसी और को यादों की कैद दे जाता है.
सीखना चाह रहे हैं कैद में रहकर आजाद होना।
काँच के चश्मे में कैद आँखों के आँसू ..अश्कों की तरह.
वर्षा सी बरसती,
अर्ध खुली भीगी आँखों के
गीले पलको के चिलमन से
कभी कभी दुनियाइंद्रधनुष सी,
सतरंगी दिखती है.
आँखों के खुलते ही सारे
इंद्रधनुष के रंग बिखर जाते हैं.
ख़्वाबों का पीछा करती
ज़िंदगी कुछ ऐसी हीं होतीं.
