चेहरे पे कई चेहरे

चेहरे पर कई चेहरे !!

लोगों ने चेहरों पे न जाने कितने नक़ाबात लगा रखें हैं,

हर मुस्कुराहट के पीछे कुछ हिसाबात छुपा रखे हैं।

खुली आँखों से तो सब हसीन नक़्शे लगे हैं।

कैसे असली इंसान और रूह पहचानें?

कितनों ने एक चेहरे पर कई चेहरे लगा रखें है।

दुआ

ज़िंदगी के महाभारत में

कई चेहरे आए गए।

देखी कितनों की फ़ितरतें

नक़ाबों में छिपी।

जीवन जयकाव्य में

सारथी बन मिलते रहे

कई कृष्ण से।

हम दुआओं में

याद रखते हैं

उन्हें संजीदगी से।