दुआ

नारी Happy women’s day!

वक्त

गहरे दरिया के पानी सा खामोशी से बहता है वक्त ।

बिना ठहरे गलता- पिघलता है वक्त ।

घड़ी पर हाथ रखें या वक्त के नब्ज पर,

डूबते वक्त के साये में,

डूब हीं जाता है दिन स्याह अंधेरे में सहर के इंतज़ार में।

Tell no one

ख़्वाब और हक़ीक़त

हम कौन हैं?

इल्म

नज़दीकी अच्छी नहीं ….

तितलियाँ 1stMarch Zero Discrimination Day !