मुझे शक है कि भूलने लगा हूँ खुद ही को मैं,
शर्त लेकिन ये थी कि मुझे बहुत कुछ याद रखना है।
“The Whole Is Greater Than The Sum Of Its Parts”. Likewise, The Cornucopian half of this blog encompasses my blog in its entirety which otherwise is scattered into the myriad hats I wear creatively!!
मुझे शक है कि भूलने लगा हूँ खुद ही को मैं,
शर्त लेकिन ये थी कि मुझे बहुत कुछ याद रखना है।
साँसे चले …समय गुजरता रहे बस …..
क्या यही है ज़िंदगी?
ना मक़सद …. ना ख़्वाब ……
हसीन तोहफ़ा है यह ज़िंदगी.
थोड़ी तमन्ना, अभिलाषा, लालसा
लक्ष्य…. मकसद मिला कर
गुनगुनाइये…..
राहें खुलती जायेंगीं।
ख़ामोशी से बनाते रहो,
पहचान अपनी .
हवायें ख़ुद तुम्हारा
नाम गुनगुनाएँगीं .

Unknown


कई बार कुछ अंत,
ज़िंदगी की नई शुरुआत होती हैं.
मुमकिन है परिवर्तन दर्द भरा हो .
गर्भस्थ शिशु नहीं जानता ,
आगे क्या है ?
कष्टपूर्ण जन्म के बाद
सामने ज़िंदगी इंतज़ार करती मिलती है !!!

उम्र जाया कर दी लोगों ने औरों के
वजूद में नुक़्स निकालते- निकालते.
इतना ख़ुद को तराशा होता
तो फ़रिश्ते बन जाते .

— गुलज़ार
❤ ❤ Rumi
सुबह की कच्ची मीठी धूप
दिवस के बीतते प्रहर के साथ
रवि के प्रखर प्रहार से बेनूर आकाश से
तपती धरती पर आग का गोला बन
गर्दो गुबार से हमला करता है।
खुश्क हवाअों की चीखें….
कभी शोर करतीं, कभी चुप हो जातीं हैं।
जलाता हैं सबको मई- जून।
भङकता सूरज अौर धूल-धूसरित , खर-पतवार भरी हवा के बाद
बस इंतजार रहता शाम का या फिर बारिश का…..
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