प्रवस पीड़ा (कविता )

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अभी प्रवस पीड़ा से
ऊबरी भी नहीँ थी.
एक ओर कमर पर हाथ धरे
जेठानी खड़ी थी.
दूसरी ओर लाल नेत्रों से
ताक रहे थे पति.
दोनो बोल पड़े – फिर बेटी ?
तुम में कोई सुधार नहीँ है.

 

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मैं एक लड़की ( कविता 2)

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मैंने आँखें खोली ,
देखा  मेरी  माँ की
आँखों मे खुशी के आँसू है.
मेरे पिता बोल रहे हैं –

इतना पूजा जतन किया
टोना -टोटका किया.
फिर दूसरी बार भी लड़की ?
बड़ी बेकार औरत हो तुम.

 

 

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मैं एक लड़की ( कविता 1 )

इस दुनिया  मॆं मैने
        आँखें खोली.
              यह दुनिया तो
                       बड़ी हसीन
                             और रंगीन है.

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मेरे लबों पर
        मुस्कान छा गई.
                 तभी मेरी माँ ने मुझे
                        पहली बार देखा.
                                वितृष्णा से मुँह मोड़ लिया

और बोली -लड़की ?
             तभी एक और आवाज़ आई
                          लड़की ? वो भी सांवली ?

 

 

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A new born girl ( poem )

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I opend my dark eyes
saw the big beautiful
world around me ,
for the first  time.
There was smile on ,
My pink cupid lips.
Suddenly  heard my mothers’
voice., which I was
Listening for last ,
Nine months in her womb.
She whispered – A GIRL ?
And she turned her face away.

 

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न्यू मूर – एक विवादित द्वीप का गायब होना ( कविता)

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     अचानक एक दिन, बंगाल की खाड़ी में एक द्वीप उभर आया।

न्यू मूर 

 

1970 में एक ,चक्रवात भोला  …. की वजह से ।

दोनों देश – भारत और बांग्ला   देश लगे अपना अधिकार जमाने।

भूमि विवाद चल पड़ा।

चालीस वर्ष का द्वीप पलायन कर गया, इस  झगड़े को देख कर।

समा गया वापस उसी सागर में जहां से जन्म लिया था,

 और सुलझा गया विवादित झगड़ें को।

ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती गर्मी से बढ़े जल स्तर  के नीच खो गया।

शायद मनुष्यों का लालच देख शर्मिंदा हो जलमग्न हो गया।   

( न्यू मूर द्वीपबंगाल की खाड़ी में  गंगा -ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र के तट पर 1970 में निकाल आया। जिसे 1974 में एक अमरीकी उपग्रह चित्रो में स्पष्ट देखा गया। इस पर भारत और बंगला देश दोनों ने अपना दावा किया। )

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कोमगाटा मारू ( सच्चाई पर आधारित मार्मिक कविता)

 

(यह भारतीयों की एक मार्मिक कहानी है। “कोमगाटा मारू” जापानी जहाज़ में 376 भारतीय यात्री सवार थे। यह जहाज़ 4 अप्रैल 1914 को निकला। ये भारतीय कनाडा सरकार की  इजाज़त से वहाँ पहुंचे। पर उन्हे बैरंग लौटा दिया गया। )

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सुदूर देशों में ज्ञान बाँटने और व्यवसाय करने,

         हम जाते रहें है युगों से।

          आज हम फिर, अच्छे जीवन की कामना, गुलामी और

                संभावित  विश्वयुद्ध के भय से भयभीत।  

                        निकल पड़े अनंत- असीम  सागर में,

                               कोमगाटा मारू जहाज़ पर सवार हो।

                                       चालीस दिनों की कठिन यात्रा से थके हारे,

                                               हम पहुँचे सागर पार अपने मित्र देश।

                                                         पर, पनाह नहीं मिला। 

 वापस लौट पड़े भारतभूमि,

        पाँच महीने के आवागमन के बाद

               कुछ मित्रो को बीमारी और अथक यात्रा में गवां।

                        टूटे दिल  और कमजोर काया के साथ लौट,

                               जब सागर से दिखी अपनी मातृभूमि।

                                       दिल में राहत और आँखों में आँसू भर आए।

   अश्रु – धूमिल नेत्रों से निहारते रहे पास आती जन्मभूमि – मातृभूमि।

 

 तभी ………………….

गोलियों से स्वागत हुआ हमारा। कुछ बचे कुछ मारे गए।

अंग्रेजों  ने देशद्रोही और प्रवासी का ठप्पा लगा ,

 अपने हीं देश आने पर, भेज दिया कारागार।

स्वदेश वापसी का यह इनाम क्यों?

 

 

छाया- चित्र इन्टरनेट के सौजन्य से।

काला पड़ता सफेद ताजमहल का नूर (कविता)

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नूरजहां के याद मॆं
शाहजहाँ में बनवाया
सफ़ेद ताज़महल
दुनिया का सातवाँ आश्चर्य

आज़ का प्रदुषण
और गंदगी उसे
बना रहा हैं
काला – हरा दागदार
यह हैं हमारा  विरासत प्रेम.

(  समाचार -द हिंदू , 23.5.2016  पृष्ठ 8 . News -The Hindu -Taj Mahal turns green,  23may 2016 , pg 8 .)

 

 

 

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जिंदगी के रंग ( कविता ) 7

 

 

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यह बड़ी   दुनिया छोटी बन जाती हैं ,
जब कोई  ऐसा अचानक

मिल जाता हैं

जो अपना सा लगता हैं.

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बुलावा (कविता)

 

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एक मधुर आवाज़
सिर्फ जानेवाले को बुलाती है.
और एक मीठी  चिर  निद्रा
नयनो मॆं समा जाती हैं.

 

 

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हवा में जहर

 

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हवा में क्यों है घुला जहर?

बनने की कामना है विश्वगुरु,

योग दिवस मनाते  है हम।

देते है उच्च संस्कृति और

प्राचीन इतिहास की दुहाई।

 कहाँ है हमारी तथाकथित संवेदनशीलता?

जब हम अपना पर्यावरण

और वायु भी स्वच्छ

नहीं रख सकते हैं?

क्यों है हवा में इतना जहर?

( विश्व स्वास्थ संगठन/ WHO, के 100 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची  में भारत के 34 शहरों के नाम है। अच्छी खबर यह है, कि दक्षिण भारत के किसी शहर का नाम इस सूची में नहीं है। – समाचार इए शॉर्ट / INSHORT 15.5.2016  )  

 

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