ज़िंदगी के रंग – 63

पलक झपकते कभी कभी

कितना कुछ बदल जाता है .

कभी मन आँखों के रास्ते

बरस जाता है.

कभी आसमान के आँसू

बरसात बन बरस जाते है.

इन्हें पन्ने पर उतारने की कोशिश …..

शब्दों में बाँधने की हर कोशिश

बहा ले जाती है ये बरसाती बूँदे……

ज़िंदगी के रंग -62

समंदर ने पैरों के पास

अपने झागो के साथ

कुछ सीपियाँ ऐसे

ला कर

छोड़ गया ,

जैसे कुछ लौटा रहा है.

ज़िंदगी भी अक्सर बड़ी मासूमियत से

बहुत कुछ अचानक लौटा देती है.

ठीक ही कहते है ,

जो दो वह लौट कर ज़रूर आता है .

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जिंदगी के रंग – 61

ना करना चाहो तो हजार बहाने है ……

करने वाले कर जातें है बिना कुछ कहे -सुने.

ऐ उम्र

ऐ उम्र !

कुछ कहा मैंने,

पर शायद तूने सुना नहीँ..!

तू छीन सकती है बचपन मेरा,

पर बचपना नहीं..!!

हर बात का कोई जवाब नही होता…,

हर इश्क का नाम खराब नही होता…!

यूं तो झूम लेते है नशे में पीनेवाले….,मगर हर नशे का नाम शराब नही होता…!

खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते है….!

हंसती आखों में भी जख्म गहरे होते है….!

जिनसे अक्सर रुठ जाते है हम,*

असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है….!

किसी ने खुदा से दुआ मांगी.!

दुआ में अपनी मौत मांगी,

खुदा ने कहा, मौत तो तुझे दे दु मगर…!

उसे क्या कहु जिसने तेरी जिंदगी मांगी…!

हर इंन्सान का दिल बुरा नही होता….!

हर एक इन्सान बुरा नही होता.

बुझ जाते है दीये कभी तेल की कमी से….!

हर बारकुसुर हवा का नही होता.. !!

–गुलजार

Talk to books – tool

Samanya Pothuraju created world record

Everything is within you !

We are one.

Everything in the universe

is within you.

Ask all from yourself.

❤️❤️Rumi

खिलते फूल

लूट कर मासूम की आबरू,

जालिमों तुम्हे नींद कैसे आई होगी।

तुमने तड़पा कर उस खिलते फूल को,

अपनी बेटियों से कैसे नज़र मिलाई होगी।।

कसूर क्या था शायद कोई खता नहीं थी,

कलेजा नहीं फटा जब वो चिल्लाई होगी।

तुम इतने बेरहम कैसे बन गए ऐ दरिंदो,

सोचता हूं शायद तालीम ही ऐसी पाई होगी।।

#justiceforourchild