कुतरा हुए रौशन चाँद
शांत है, पर उसके अंदर
कोई तो शोर और अंतर्द्वंद है.
जो रहने नहीं देता एक सा, चैन से उसे.

कुतरा हुए रौशन चाँद
शांत है, पर उसके अंदर
कोई तो शोर और अंतर्द्वंद है.
जो रहने नहीं देता एक सा, चैन से उसे.

ज़िंदगी ने तोड़ा कई बार .
फिर बड़ी सफ़ाई से रफ़ू भी कर दिए.
अब तो दाग़ भी नज़र नहीं आते.

भूल और इस अपराध का यह नतीजा कितना दुखद है कि मनुष्य हो कर भी पशुओं जैसा जीवन जीना पड़े।

A fugitive who has been on the run from police in China for more than 17 years has been found living in a remote mountain cave.
Song Jiang escaped from a prison camp in 2002 while serving time for trafficking women and children.
दिल क्यों वह चाहता है,
जो हो नहीं सकता.
फूटते बुलबुले को
फिर बनते देखा है क्या?
मालूम नहीं वह क्या है जिससे
ख़्वाहिशों की चुभन काम हो.

इबादत मंदिर में और पूजा मस्जिद में,
गुरुग्रंथ चर्च में बाइबिल गुरुद्वारे में,
बड़ी गुस्तखियाँ…. भूल.. होंगी.
पर इंसानियत का क्या होगा?
जहाँ…….
भूखा ही भटकता रहे नन्हा बच्चा.
लोग शिवलिंग पर दूध चढ़ाते रहे?
भूखा ही सो जाये मासूम
भोज-उत्सव चलता रहे?
सर्दी में ठंड से काँपता रहे
मज़ारों पर चादरें चढ़तीं रहीं?

चाहो या ना चाहो,
ख़्वाहिशों की फ़सलें
बेतरतीब उगतीं रहतीं हैं.
बिन पानी..बिन बरसात.
ना बदलते मौसमों का डर
ना पतझडों का असर.

जब श्रीकृष्ण महाभारत के पश्चात् लौटे तो रोष में भरी रुक्मिणी ने उनसे पूछ- “सब तो ठीक था किंतु आपने द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह जैसे धर्मपरायण लोगों के वध में क्यों साथ दिया?”
श्री कृष्ण ने उत्तर दिया- “यह सही है कि उन दोनों ने जीवन पर्यंत धर्म का पालन किया किन्तु उनके किये एक भूल या पाप ने उनके सारे पुण्यों को हर लिया .
“वो कौनसे पाप थे?” कृष्ण ने कहा-“जब भरी सभा में द्रोपदी का चीर हरण हो रहा था तब ये दोनों भी वहां उपस्थित थे और बड़े होने के नाते ये दुशासन को आज्ञा भी दे सकते थे किंतु इन्होंने ऐसा नहीं किया।उन के इस एक भूल से बाकी धर्मनिष्ठता छोटी पड गई.”
रुक्मिणी ने पुछा- “और कर्ण? वह अपनी दानवीरता के लिए प्रसिद्ध था.कोई उसके द्वार से खाली हाथ नहीं गया उसकी क्या गलती थी?”
श्री कृष्ण ने कहा, “वस्तुतः वो अपनी दानवीरता के लिए विख्यात था और उसने कभी किसी को ना नहीं कहा, किन्तु जब अभिमन्यु सभी युद्धवीरों को धूल चटाने के बाद युद्धक्षेत्र में आहत हुआ भूमि पर पड़ा था तो उसने कर्ण से, जो उसके पास खड़ा था, पानी माँगा. कर्ण जहाँ खड़ा था उसके पास पानी का एक गड्ढा था किंतु कर्ण ने मरते हुए अभिमन्यु को पानी नहीं दिया।
इसलिये उसका जीवन भर दानवीरता से कमाया हुआ पुण्य नष्ट हो गया। बाद में उसी गड्ढे में उसके रथ का पहिया फंस गया और वो मारा गया”
अक्सर ऐसा होता है कि हमारे आसपास कुछ गलत हो रहा होता है और हम कुछ नहीं करते । हम सोचते हैं की इस भूल/पाप के भागी हम नहीं हैं किंतु मदद करने की स्थिति में होते हुए भी कुछ ना करने से हम उस पाप के उतने ही हिस्सेदार हो जाते हैं ।
किसी स्त्री, बुजुर्ग, निर्दोष,कमज़ोर या बच्चे पर अत्याचार होते देखना और कुछ ना करना पाप का भागी बनाता है। सड़क पर दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को लोग नहीं उठाते हैं क्योंकि वो समझते है, वो पुलिस के चक्कर में फंस जाएंगे|
अधर्म का एक क्षण सारे जीवन के कमाये धर्म को नष्ट कर सकता है।

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World Heart Day takes place on 29th September every year and is the World Heart Federation‘s and the world’s biggest platform for raising awareness about cardiovascular disease, including heart disease and stroke.

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