नार्सिसिस्ट

प्रेम करना, दर्द महसूस करना
है इंसानी स्वभाव।
पर अगर कोई
चोट देकर, चोट लगने का अभिनय करे
किसी का दर्द जानकर
भी उसे दर्द दे,
आँसू देखकर भी महसूस न करे,
यह बीमार नार्सिसिस्ट की निशानी है।
इंसानी फितरत का वह स्याह पहलू, जहाँ वह खुद को खुदा मान बैठता है।