
अपने मन से पूछ लो


यह मेरा बरसों पुराना, आज़माया हुआ, सटीक और उपयोगी नुस्खा है। मैं वर्षों से प्रयोग में ला रही हूँ। बालों की प्राकृतिक देखभाल के लिए यह उपाय मुझे हमेशा भरोसेमंद और प्रभावशाली लगा है — सरल, सुरक्षित और घर पर आसानी से तैयार किया जा सकने वाला।
केमिकल को कहें ‘बाय’, कच्चे केले के छिलके से पाएं खूबसूरत कॉपर हेयर कलर!
क्या आप अपने बालों को नया रंग देना चाहती हैं, लेकिन केमिकल वाले हेयर डाई से होने वाले नुकसान से डरती हैं? अगर हाँ, तो आज हम आपके लिए एक ऐसा अनोखा और प्राकृतिक नुस्खा लेकर आए हैं जो न केवल आपके बालों को एक खूबसूरत कॉपर शेड देगा, बल्कि उन्हें स्वस्थ भी रखेगा। कलर की!
क्यों चुनें प्राकृतिक हेयर कलर?
आजकल बाजार में मिलने वाले हेयर कलर्स में अमोनिया और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो बालों को रूखा और बेजान बना सकते हैं। प्राकृतिक विकल्प आपके बालों को पोषण देते हुए उन्हें रंगते हैं, जिससे वे मजबूत और चमकदार बने रहते हैं।
एक अनोखा घरेलू उपाय
कच्चे केले के छिलके, जिन्हें हम अक्सर फेंक देते हैं, वे वास्तव में बालों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इनमें पोटेशियम, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। और जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो ये आपको एक शानदार कॉपर रंग भी दे सकते हैं।
आवश्यक सामग्री:
यह मेरा बरसों पुराना, आज़माया हुआ, सटीक और उपयोगी नुस्खा है। मैं इसे कम से कम तीस वर्षों से प्रयोग में ला रही हूँ। बालों की प्राकृतिक देखभाल के लिए यह उपाय मुझे हमेशा भरोसेमंद और प्रभावशाली लगा है — सरल, सुरक्षित और घर पर आसानी से तैयार किया जा सकने वाला।
🌿 प्राकृतिक कंडीशनर: बालों के लिए एक आज़माया हुआ घरेलू नुस्खा
यदि आप बालों को बिना किसी रसायन के, प्राकृतिक रूप से पोषण देना चाहती हैं — तो यह सरल, असरदार और वर्षों से आज़माया हुआ घरेलू नुस्खा आपके लिए है। यह कंडीशनर आपके बालों को स्वस्थ, घना और चमकदार बनाने में अद्भुत रूप से सहायक है।
⸻
🪴 आवश्यक सामग्री:
1. मेहंदी की पत्तियाँ
2. गुड़हल के फूल – 5 से 10
3. एलोवेरा (घृतकुमारी)
4. तुलसी की पत्तियाँ
5. नीम की पत्तियाँ
6. मेथी के दाने – 1 टेबल स्पून
7. भृंगराज (Eclipta Alba)
• अन्य प्रसिद्ध नाम: बाबरी, गालागरा, गुंटा-कलागरा, कैकेशी, करिशा-लंगन्नी, करिसिरंग-कन्नी, केशराजी, केसुरी, केसुरिया, केसुट्टी, माका, मोचकंद
• उपयोगी भाग: पूरी जड़ी-बूटी – जड़ें, पत्तियाँ और तना
8. ब्राह्मी (Bacopa Monnieri)
• कुछ सामान्य नाम: ब्राह्मी, बैकोपा, बेबीज़ टियर, हर्पेस्टिस मोनिएरा, वाटर हायसप
• उपयोगी भाग: पूरा पौधा
⸻
🧴 बनाने की विधि:
1. उपरोक्त सभी सामग्री को अच्छी तरह धोकर साफ़ करें।
2. इन्हें मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें ताकि एक मुलायम, महीन पेस्ट तैयार हो जाए।
3. इस पेस्ट को सीधे सिर की त्वचा और बालों में अच्छी तरह से लगाएं।
4. इसे 1 से 2 घंटे तक लगे रहने दें। फिर साधारण पानी से धो लें।
⸻
🔸 महत्वपूर्ण सुझाव:
-* अगर आपके बाल ड्राई हैं या इससे ड्राई हो जाते हैं, तो पहले बालों में तेल लगाकर इसे अप्लाई करें।
• सर्दियों में इस नुस्खे का प्रयोग न करें, क्योंकि मेहंदी का प्रभाव ठंडा होता है।
• ताज़ी पत्तियों का उपयोग करें, ताकि पौधों के गुण पूरी तरह से मिल सकें।
• यदि ताज़ी सामग्री न मिल पाए तो आयुर्वेदिक दुकानों से सूखी अवस्था में प्राप्त की जा सकती हैं।
• आप चाहें तो इस पेस्ट में 1/2 अंडे भी मिला सकते हैं, इससे बालों को अतिरिक्त पोषण और चमक मिलती है।
⸻
✨ इस नुस्खे के लाभ:
• बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करता है
• बालों की जड़ों को मजबूती देता है
• नियमित उपयोग से झड़ना, रूखापन और डैंड्रफ की समस्या कम होती है
• रासायनिक उत्पादों से बचाकर बालों को भीतर से पोषण देता है
⸻
🌼 यह घरेलू कंडीशनर नुस्खा न केवल सौंदर्य का साधन है, बल्कि एक स्वस्थ परंपरा का हिस्सा भी है — जिसे आप वर्षों तक आज़मा सकती हैं।
🟠 स्वस्थ बालों के लिए घरेलू रीठा शैम्पू
यह मेरा बरसों पुराना, आज़माया हुआ, सटीक और उपयोगी नुस्खा है। मैं इसे कम से कम तीस वर्षों से प्रयोग में ला रही हूँ। बालों की प्राकृतिक देखभाल के लिए यह उपाय मुझे हमेशा भरोसेमंद और प्रभावशाली लगा है — सरल, सुरक्षित और घर पर आसानी से तैयार किया जा सकने वाला।
यदि आप अपने बालों को रसायनमुक्त और प्राकृतिक तरीके से साफ़, चमकदार और मज़बूत बनाना चाहते हैं, तो रीठा से बना यह घरेलू शैम्पू आपके लिए एक उत्तम उपाय है।
रीठा (ऋंठक) आयुर्वेद में लंबे समय से बालों की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यह न केवल बालों को साफ़ करता है, बल्कि उन्हें जड़ों से मज़बूत और प्राकृतिक चमक भी देता है।
🔸 रीठा शैम्पू बनाने की विधि
20–25 रीठे लें। प्रत्येक रीठा को तोड़कर उसके बीज अलग कर दें। अब इन रीठों को छोटे टुकड़ों में काट लें और आधा लीटर गर्म पानी में रातभर भिगो कर रख दें। अगले दिन भीगे हुए रीठे को हाथ से अच्छी तरह मसल लें। इस मिश्रण को छानकर उसका पानी एक बोतल में भर लें — यह पहला शैम्पू तैयार है। अब बचे हुए रीठे के टुकड़ों को मिक्सी में पीस लें। पिसे हुए रीठे में आधा लीटर गुनगुना पानी मिलाकर उसे एक घंटे तक ढककर रख दें। एक घंटे बाद इस मिश्रण को भी छानकर उसका पानी दूसरी बोतल में भर लें — यह दूसरा शैम्पू तैयार है।
🔹 प्रयोग की विधि
शैम्पू करते समय पहले दूसरे (गाढ़े) पानी को बालों पर डालें और हल्के हाथों से मालिश करते हुए धोएं। यदि आप पहली बार रीठा का उपयोग कर रहे हैं, तो हो सकता है झाग न बने। ऐसे में पहले बालों को सादे पानी से धो लें, फिर पहले वाले रीठे के पानी से दोबारा शैम्पू करें — इस बार भरपूर झाग बनेगा। बाल पूरी तरह साफ़, चमकदार और जड़ों से मज़बूत हो जाएंगे।
🟡 यह मात्रा सामान्य रूप से दो बार के शैम्पू के लिए पर्याप्त होती है। यदि आपके बाल लंबे हैं या बालों में तेल है तो रीठे की मात्रा थोड़ी अधिक ले सकते हैं।
🔴 सावधानी
* अगर आपके बाल ड्राई हैं या इससे ड्राई हो जाते हैं, तो पहले बालों में तेल लगाकर इसे अप्लाई करें।
* रीठा का पानी आंखों में न जाने दें, क्योंकि इससे तेज़ जलन हो सकती है।
यदि भूलवश ऐसा हो जाए, तो तुरंत आंखों को ठंडे पानी से लगातार कुछ देर तक धोते रहें। इससे जलन कम हो जाएगी या शांत हो सकती है।
इस प्राकृतिक रीठा शैम्पू का नियमित प्रयोग आपके बालों को न केवल स्वस्थ बनाएगा, बल्कि उन्हें रसायनमुक्त भी रखेगा। यह एक सस्ता, सरल और सुरक्षित उपाय है, जिसे आप आसानी से घर पर बना सकते हैं।
Tip – अगर आपने रात में रीठा नहीं भिगोया है और जल्दीबाज़ी में बाल धोने हैं, तो आप रीठे को प्रेशर कुकर में 10–15 मिनट उबालकर मसल कर उपयोग में ला सकते हैं। परंतु मैं बार-बार गर्म किए गए रीठे के उपयोग का सुझाव नहीं दूँगी।





World narcissistic abuse awareness day- 1 June

You must be logged in to post a comment.