ज़िंदगी के रंग -132

सुबह की छलकती रौशनी

के साथ खिलखिलाई खुशी,

धीरे से कानों में फुसफुसाई-

हम तुम्हे ढूँढ़ते रहें हैं

तुम हमें ढूँढ रही हो?

नज़रें उठाओ , देखो …..

हम तुम्हारे आस पास है

हर छोटी चीज़ में ….

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