ज़िंदगी, तुम्हारे सिखाए सबक़ सीखने के बाद
सूखे दरख़्तों की बयार, पतझड़ की छांव
ख़ाली पन्नों की बातें, मौन नम आँखें
और ख़ामोशी भरी ज़िंदगी भी अच्छी लगती है.

ज़िंदगी, तुम्हारे सिखाए सबक़ सीखने के बाद
सूखे दरख़्तों की बयार, पतझड़ की छांव
ख़ाली पन्नों की बातें, मौन नम आँखें
और ख़ामोशी भरी ज़िंदगी भी अच्छी लगती है.

जिंदगी कैसी भी हो उसमें जीना पड़ता है
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हाँ , बात तो सही है .
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