तुम पर  हीं छोङ दिया

पत्थर से बने, पत्थर ही रहोगे क्या?

अब,  तुम से तकरार क्या करें ?

सारा दंभ अभिमान गया टूट।

जब हाथ छूटा…..

साथ  छूटा……

रंग बदलती दुनियाँ देखी रंग बदलते लोग देखे।

लेकिन फिर ……

सब ऊपरवाले तुम पर  हीं छोङ दिया।

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