फूलों की होती है अपनी भाषा,
रूह तक उतर जाती है
खुशबू और चटक रंग .
होँठ तितली के छूते
झङते हुआ ख़ामोश गुलाब
की खुशबू कभी फीकी नहीं होती .
अब नई बन गई हैं पहचान इनकी –
पीला खुशी, सफेद शुद्धता,
प्यार को दिखाता है लाल.
महक से रूह तक जाता
पंखुड़ी बिखराता हुआ.
सभी के जीवन में हो
रंग और ख़ुशबू हमेशा गुलाबों सा ……

Happy 🌹day to you as well. Nice poem.
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Thank you 😊
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You are most welcome dear friend.
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जीवन हो ऐसा रंगों खुशबू भरा सबका।.
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आपका भी हो। 🌈
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आभार !!!!
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आप मराठी भाषा बोवते है?
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नही,आप बोलते हैं क्या?
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हां जी. आभार ये लब्ज मराठी मे ज्यादा इस्तमाल होता है.
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अच्छा, ये लव्ज़ – गुलाबों सा दिन हो आपका?
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नही “आभार” 😊👍
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अोह, यह हिंदी में भी यह शब्द है।
दरअसल हिंदी -मराठी दोनो संस्कृत से निकले हैं, इसलिये काफी शब्द एक हैं। 🙂
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अछ्छा. मुझे मालूम नाही. चलो आज कुछ नया सिखनेको मिला. 😀
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🙂 बहुत सी भारतीय भाषा हमारी देवभाषा संस्कृत से निकली हैं।
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सही है। 😊
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Thank you.
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🙇🙇🙇🌹
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Ahahaaa beautiful piece mate ✔️ 💯❣️
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thank you Nirant.
I liked your rules specially the third one –
1.Keep Patience.
2.Believe in your self.
3. Hustle in silence.
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Aww
Thank you so much dear !!
Yess I follow them regularly ☺️
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great. 🙂
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बहुत ही खूबसूरत लाइनें
हैप्पी रोज डे
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आभार rose day batane ke liye. , happy rose day.
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खूबसूरत
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शुक्रिया समता।
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आपका भी जीवन ऐसे ही खुशहाल रहे।खूबसूरत रचना।👌👌
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बहुत शुक्रिया।
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