comfort zone

You will never change your life until you step out of your comfort zone; change begins at the end of your comfort zone.

–Roy T. Bennett

Image courtesy- Chandni Sahay

Watch what they do !!!

Don’t listen

to what people say,

watch what they do.

Roy T. Bennett

ज़िंदगी के रंग -113

जब तक फूलों सी

ख़ुशबू औ नज़ाकत थी .

बेदर्दी से पेश आते रहे लोग .

अपने को काँटे सा कठोर दिखाने के बाद

हम तो नहीं बदले पर

लोग बदल गए….

कुछ सुधर से गए हैं….

Reflection

The outer world is

a reflection of the inner world.

Other people’s perception of you

is a reflection of them;

your response to them is an awareness of you.

― Roy T. Bennett,

छोटी सी जिंदगी

सुना था जिंदगी के सफ़र में,

ऐसे कई मोङ आते हैं

जहाँ  कोई ना कोई छूट जाता हैं .

यह भी सुना-

छोटी सी है जिंदगानी

उम्र दो-चार रोज़ की मेहमान है .

मौसम रोज बदलते हैं…….

पर ऐसे बिना बोले

कोई  अपना जाता है क्या ?

ज़िंदगी के रंग- 112

ज़िंदगी की एक सुनहरी कड़ी, हाथों से छूट गई ,

सिर्फ़ यादों में रह गई …कुछ बातें.

हद हो गई – व्यंग

corruption Unlimited

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Old satire  & English news- Rats drank it’: Cops as 1,000 litres of seized liquor disappears from police station चूहों का स्ट्राइक – व्यंग

मालखाने के शराब पीने के कलंक से आहत ,

चूहों में राहत की लहर दौड़ गई है.

लम्बी स्ट्राइक के बाद सच्चाई सामने आता देख ,

शराब की लापता बोतलेंपुलिस वालों के पास पा

चूहों ने ली चैन की साँस और नारा लगते देखे गए –

चूहे शराब नहीं पीते !!!!!

Latest news in English – Huge liquor stock seized from SHO’s residence in dry Bihar, entire police station staff replaced

Moments

The butterfly

counts not months

but moments,

and has time enough.

Rabindranath Tagore

बेटियां…..

क्या आप जानते हैं विंटर ब्लूज़ सिंड्रोम ?

क्या आप जानते हैं बदलते मौसम का असर, विंटर ब्लूज़ सिंड्रोम क्या है?

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मौसमी भावात्मक विकार (SAD) एक मनोदशा या मानसिक स्थिती है, जिसमें पूरे वर्ष सामान्य मानसिक स्वास्थ्य वाले लोगों में हर साल एक ही समय में अवसादग्रस्तता के लक्षण दिखते हैं, जो आमतौर पर सर्दियों में होता है। गर्मियों में भी यह समस्या हो सकती हैं।

कारण -दिन के उजाले में कमी, बॉडी क्लॉक, शरीर में हार्मोन के स्तर में बदलाव- नींद के हार्मोन मेलाटोनिन का कम स्राव और / या मस्तिष्क में मूड को नियंत्रित करने वाला रासायनिक सेरोटोनिन का कम स्राव।

समाधान – सर्दियों के दौरान ठीक से भीजन करें, अधिक समय दिन के उजाले/ सुर्य की रौशनी में रहें, सक्रिय रहें- दिन के समय 30 मिनट के लिए व्यायाम करें या टहलें, अगर डाक्टर का सुझाव हो तब इस सिंड्रोम के लिए नियमित रूप से दवा लें और लाइट थेरेपी लें।

courtesy -wikipedia