क्यों आज ऐसे दिन बनाने की परम्परा चली ?
बुज़ुर्गों को सम्मन देने की परम्परा का क्या हुआ ?
वे ज्ञान और अनुभव के खान होते है .
क्या हुआ अगर कमज़ोर या बीमार हैं?
क्यों भूल जातें हैं ……
कभी तो हमारी ज़िन्दगी में भी यह दिन आयेगा.

Image courtesy- Chandni Sahay.
Reblogged this on tabletkitabesi.
LikeLiked by 1 person
thank you 🙂
LikeLike