उदास मुस्कान ,
एक नयन में आँसू
दूसरे में खिलती हँसी.
कौन सच , कौन मिथ्या ?
उदासी या हँसी ?
आँसुओं को आँखों हीं आँखों में पीती
आँखों की करुणा
या लबों की मुस्कान ?

उदास मुस्कान ,
एक नयन में आँसू
दूसरे में खिलती हँसी.
कौन सच , कौन मिथ्या ?
उदासी या हँसी ?
आँसुओं को आँखों हीं आँखों में पीती
आँखों की करुणा
या लबों की मुस्कान ?

The moment
you accept
what troubles
you’ve been given,
the door will open.

Rumi ❤️❤️