#Dangeroussilence तूफ़ान के पहले की शांति


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मौन मूल्यवान हैं, लेकिन

ज़िंदगी के इम्तिहान में,

बहुत बार मौन रह कर लगा…..

ख़ामोशी में भी गुब्बार होता हैं,

कभी कभी यह ख़ामोशी,

किसी का सहारा नहीं बनने देती हैं.

कभी देख कर भी अनदेखा

कर हम आगे बढ़ जाते हैं.

सुन कर भी अनसुना कर देते हैं.

पर यह अंतरात्मा के

रुदन का कारण बन जाती है.

और जब बंधन में बँधा

यह गुब्बार फूटता हैं

फ़लक की बिजलियाँ बन

यही शांति तूफ़ान बन

क़हर ढातीं हैं.

Topic for :

#IndiSpire237

Silence is not always a virtue. When there are serious wrongs happening, it is our duty to speak up. Otherwise we become part of the wrongdoing. Do you agree?

22 thoughts on “#Dangeroussilence तूफ़ान के पहले की शांति

  1. बहुत सही लिखा है| शुभकामनायें|
    वस्तुतः मौन का रुप व अर्थ बहुत कम ही स्पष्ट है|
    वाणी का मौन पूर्णतः मौन नहीं होता है| बल्कि मन का पूर्णतः मौन हो जाना ही वास्तविक मौन है| मन में विचारों का उथल-पुथल और वाणी पर विराम मौन नहीं है|

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      1. आभार…
        रेखा जी, ध्यान की अनेक प्रविधियाँ हैं| अनेक वर्षों से इस क्षेत्र में रह कर जो पाया है वही आध्यात्मिक प्रकाश बस आगे फैला देते हैं|

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      2. मेरे लिए यह सौभाग्य की बात हैं कि आपसे ये आध्यात्मिक जानकारियाँ मिलती हैं.

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  2. आभार…
    अनेक वर्षों से ध्यान के क्षेत्र में जो कुछ पाया है वही आध्यात्मिक प्रकाश आगे फैला देना ही कार्य है|

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